छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की जा रही है। केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिलासपुर में अफसरों की बैठक में एक नए टूरिस्ट सर्किट की योजना का ऐलान किया। इस सर्किट में बिलासपुर, रतनपुर, खूंटाघाट जलाशय, खुड़िया जलाशय, अचानकमार टाइगर रिजर्व और अमरकंटक तीर्थ को शामिल किया जाएगा। जिला प्रशासन निजी कंसल्टेंट की मदद से डीपीआर तैयार कर रहा है। एनटीपीसी, एसईसीएल और अडानी फाउंडेशन जैसी बड़ी कंपनियां इस प्रोजेक्ट में सहयोग करेंगी। बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया और अटल श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। योजना से क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ का हृदयस्थल है। यहां से बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। पर्यटन केंद्र और घूमने के स्थल मौजूद हैं। लेकिन सुविधाओं और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण लोगों को इनकी जानकारी नहीं है। डीपीआर तैयार होने के बाद कंपनियों को अलग-अलग पर्यटन केंद्रों के विकास की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कंपनी प्रबंधन ने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। इस योजना से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। महीने भर में तैयार हो जाएगा डीपीआर केन्द्र सरकार की प्रसाद योजना का लाभ भी इस परियोजना में लिया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि एक महीने के भीतर डीपीआर तैयार हो जाएगी। इसके बाद फिर बैठक लेकर कम्पनियों को कार्य आवंटित किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों के दो-तीन दिन ठहरने योग्य व्यवस्था की जा रही है। अचानकमार टाईगर रिजर्व लगभग 1 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला है और यहां प्रवेश के लिए खुड़िया के अलावा केंवची और शिवतराई से होकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों और टूरिस्टों के ठहरने और खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था किया जाए तो इसका लाभ हमारे लोगों और जिले को होगा। बैगा बहुल क्षेत्रों में होम स्टे की व्यवस्था होगी उन्होंने कहा कि जिले के बैगा बहुल इलाकों में होम स्टे की व्यवस्था भी की जा सकती है। ट्राईबल संस्कृति एवं ट्री विलेज का कांसेप्ट भी लोकप्रिय हो रहा है। पर्यटन सर्किट के निर्माण से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।


