पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में एक जंगली हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह हादसा जंगल के दीघा इलाके के पास हुआ। जहां एक हाथी के पिछले बाएं पैर में गंभीर चोट लगी है। वन विभाग ने ड्रोन की मदद से घायल हाथी की लोकेशन ट्रैक की है और उसकी निगरानी की जा रही है। पैर में सूजन और खून के निशान ड्रोन से मिले फुटेज में हाथी के पैर में सूजन और खून के निशान साफ नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी को चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है और वह काफी तकलीफ में है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की कई टीमें हाथी के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई हैं। रेस्क्यू के लिए झारखंड और ओडिशा के विभिन्न वन क्षेत्रों से टीमें बुलायी गई हैं। अब तक हाथी को ट्रैक तो किया गया है, लेकिन उसका रेस्क्यू सफल नहीं हो सका है। जंगल का इलाका दुर्गम होने और हाथी के लगातार मूवमेंट के कारण टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैंकुलाइज कर इलाज देने की योजना वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घायल हाथी को ट्रैंकुलाइज कर इलाज देने की योजना है, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मंगाई जा रही है। हाथी की स्थिति गंभीर बनी हुई है और समय पर इलाज जरूरी है। वहीं, इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली गतिविधियों का दायरा केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहा, अब वन्यजीव भी इसके शिकार हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और वन विभाग से हाथी को शीघ्र राहत दिलाने की मांग की है।


