7 जुलाई को रायपुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा होनी है। कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता इसकी तैयारी में जुट गए हैं। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एक हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई। इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ के पिछली सरकार में मंत्री रहे तमाम नेताओं को बुलाया गया। सभी पूर्व मंत्री मीटिंग में पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कार्यक्रम, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, को आयोजन को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई है। इस बैठक में पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, कांग्रेस की प्रभारी सचिव जरिता लेत फलांग भी मौजूद रहीं। ये है कार्यक्रम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया- 7 जुलाई को कांग्रेस के द्वारा ”किसान, जवान, संविधान“ सभा का आयोजन राजधानी के साईंस कालेज मैदान में किया गया है। इस सभा को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महामंत्री श्री वेणुगोपाल संबोधित करेंगे।
इस सभा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश भर में किसानों, जवानों की आवाज उठाना साथ ही केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जिस प्रकार से संविधान और संवैधानिक संस्थानों की स्वायत्तता पर प्रहार किया जा रहा है, उसको जनता तक ले जाना है। इस सभा में 25000 से अधिक लोग प्रदेश भर से शामिल होंगे।
भाजपा नहीं चाहती किसान धान पैदा करे
किसानों के मुद्दे काे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि खरीफ की फसल में दलहन, तिलहन की फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किसानों से नया धोखा है। छत्तीसगढ़ के जलवायु के अनुसार धान की फसल लेना खरीफ में किसानों के लिये सबसे ज्यादा फायदे की खेती है। साय सरकार खरीफ के फसल के लिये बीज, खाद उपलब्ध नही करवा पा रही तो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रलोभन दिया जार रहा ताकि किसान धान की फसल नही ले और सरकार को 3100 में धान नही खरीदना पड़े। बैज ने कहा- पूरे प्रदेश में किसान बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं। मुख्यमंत्री खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते है लेकिन यह मीडिया तक ही सीमित है, आज भी 90 प्रतिशत सोसायटी में डीएपी नहीं मिल रही।


