छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक गाय 7 फीट गहरी नाले में गिर गई। शुक्रवार सुबह 11 बजे आमा तलाब रोड पर यह घटना हुई। गाय करीब आधा किलोमीटर तक नाले में आगे बढ़ती रही। इस व्यस्त मार्ग से अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक गुजरते रहे। कई लोगों ने गाय को देखा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आसपास के लोगों ने गौसेवक को सूचना दी। गौसेवक मौके पर पहुंचे और जेसीबी की व्यवस्था की। जेसीबी के आने के बाद शाम 5 बजे गाय को सफलतापूर्वक नाले से बाहर निकाला गया। धमतरी जिले में यह पहली घटना नहीं है। यहां अक्सर गाय गड्ढों और नालों में गिर जाती हैं। ऐसी स्थिति में गौसेवक और स्थानीय लोग मिलकर गायों की मदद करते हैं। गाय नाले में करीब 6 घंटे तक फंसी रही गौ सेवक नीरज पांडे ने बताया कि सुबह 11 बजे के आसपास गाय नाले में गिरी थी और उसे शाम 5 बजे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों ने गाय को नाले में देखा और नगर निगम को इसकी सूचना दी, लेकिन कार्रवाई में काफी देर हो गई। अंततः जेसीबी मशीन बुलाकर गाय को बाहर निकाला गया। नीरज पांडे ने नगर निगम की धीमी कार्यशैली पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत एक्शन जरूरी होता है, क्योंकि ये बेजुबान जानवर खुद मदद नहीं मांग सकते। उन्होंने यह भी बताया कि धमतरी के अधिकांश नाले खुले हैं और ढक्कन नहीं होने की वजह से अक्सर गायें गिर जाती हैं। गाय करीब 10 फीट गहरे नाले में गिरने के बाद बहती हुई आमापतलाब रोड तक पहुंच गई थी। नीरज पांडे ने बताया कि लोग ऐसी स्थिति में मदद करने से भी हिचकते हैं, जिससे जेसीबी बुलानी पड़ती है। गौ सेवक ने अपील की कि नगर निगम को नालों को ढकने और ऐसे हादसों से बचाव के लिए तत्परता दिखानी चाहिए।


