अमृतसर| पंंज्स आर्टेमिस हॉस्पिटल अमृतसर (ईएमसी हॉस्पिटल की एक इकाई) की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पुंज ने प्रसव के बाद होने वाले मानसिक तनाव को लेकर चेताया है। उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद का डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक बीमारी है। इसे मामूली मूड स्विंग समझना गलत है। इसे मेडिकल भाषा में प्रसवोत्तर अवसाद कहा जाता है। डॉ. मोनिका ने बताया कि मां बनने के बाद महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। नींद की कमी, जिम्मेदारियों का अचानक बढ़ना और सामाजिक दबाव उसे मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। कई बार महिलाएं खुद को अकेला महसूस करती हैं। उन्हें लगता है कि वे ही इस स्थिति से गुजर रही हैं। जबकि भारत में हर पांच में से एक महिला इस डिप्रेशन का शिकार होती है। मां मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होगी तो वह बच्चे की सही देखभाल नहीं कर पाएगी। इससे बच्चे की सेहत, विकास और सुरक्षा पर असर पड़ता है। पंंज्स आर्टेमिस हॉस्पिटल अमृतसर में इस समस्या को गंभीरता से लिया गया है। यहां नई माताओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई हैं। इसमें अनुभवी डॉक्टरों और काउंसलर्स की टीम काउंसलिंग, नियमित जांच और जरूरतमंद माताओं को विशेष सहायता देती है।


