जिले के गांव एक एक्स के पास मंगलवार रात बीएसएफ जवानों की गोली से मारे गए पाकिस्तानी घुसपैठिए का शव पाकिस्तान ने ले लिया है। गुरुवार सुबह गांव एक एक्स के पास बीएसएफ अधिकारियों और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तानी अधिकारी शव लेने पर सहमत हो गए। कुछ देर चली बातचीत के बाद पाकिस्तान ने शव ले लिया। बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक कुमार इस फ्लैग मीटिंग में शामिल हुए। पांच सबूत किए पेश बीएसएफ अधिकारियों ने घुसपैठिए के पास मिली चीजे सुबूत के रूप में पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने पेश की। घुसपैठिए के पास 1770 पाकिस्तानी रुपए, पाकिस्तानी सिगरेट और लाइटर, नसवार की पुड़िया, दवा की गोली, घुसपैठिए के पास मिला पाकिस्तान रिपब्लिक का जारी किया हुआ परिचय पत्र जिस पर उर्दू घुसपैठिए का नाम अब्दुल गफ्फार अंकित है। इसके साथ ही घुसपैठिए के पाकिस्तान के मिंचिनाबाद का रहने वाला होने की जानकारी अंकित है। वहीं घुसपैठिए का पहनावा भी पाकिस्तानी इलाके का है। इन सभी सबूतों के आधार पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने घुसपैठिए का शव ले लिया। एसपी गौरव यादव ने शव लेने की पुष्टि करते हुए कहा कि केसरीसिंहपुर पुलिस की ओर केसरीसिंहपुर के सरकारी अस्पताल की मोर्च्यूरी में रखवाया गया घुसपैठिए का शव पाकिस्तानी अधिकारियों ने ले लिया है। वहीं बीएसएफ अधिकारियों ने भी घुसपैठिए का शव पाकिस्तान की ओर से ले लिए जाने की पुष्टि की। 24 दिसंबर रात को मिला था शव जिले के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र में गांव एक एक्स के पास 24 दिसंबर रात बीएसएफ को एक व्यक्ति के भारतीय सीमा में घुसने की जानकारी मिली थी। इस पर गश्ती दल ने मौके पर पहुंचकर घुसपैठिए को ललकारा और गोली मार दी। इससे घुसपैठिए की मौत हो गई। बीएसएफ को जीरो लाइन के पिलर नंबर 552 और 553 के बीच से भारतीय सीमा में तारबंदी पर चढ़ने का प्रयास करता व्यक्ति नजर आया। बीएसएफ के ललकारने पर भी जब वह नहीं रुका तो उसे बीएसएफ जवानों ने गोली मार दी। इससे वह तारबंदी के पास ही ढेर हो गया। इससे पहले बुधवार को हुई फ्लैग मीटिंग में तमाम सबूत पेश करने के बाद भी पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने घुसपैठिए का शव लेने से इनकार कर दिया था।


