भास्कर न्यूज | अमृतसर नाट्य संस्था मंच-रंगमंच अमृतसर और विरसा विहार सोसायटी की ओर से राष्ट्रीय रंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से आए विद्यार्थी रंगमंच की शिक्षा ले रहे हैं। एक महीने तक चली इस कार्यशाला के दौरान ‘पांच रोजा नाट्य उत्सव’ का आयोजन भी हुआ। उत्सव के तीसरे दिन मनिंदर कांग की कहानी पर आधारित नाटक ‘भार’ का मंचन किया गया। मंचन विरसा विहार के श्री करतार सिंह दुग्गल ऑडिटोरियम में हुआ। नाटक ‘भार’ पंजाब के उस दौर को दर्शाता है, जब वहां काली बोली की आंधी चल रही थी। उस समय मांओं के बेटे बिना किसी वजह के मारे जा रहे थे। छोटे बच्चे भी इस अंधेरे दौर का शिकार हो रहे थे। नाटक में मुख्य किरदार एक छोटी बच्ची की मौत के बोझ को अपने जमीर पर महसूस करता है। इस मौके पर डॉ. अरविंदर कौर धालीवाल, भूपिंदर सिंह संधू, जसकरण कनाडा, रणजीत फगवाड़ा, हरदीप गिल दर्शक मौजूद रहे।


