भास्कर न्यूज | राजनांदगांव सोमनी के फुलझर में स्थापित हो रही न्यू लुक बायो फ्यूल्स को पानी देने का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को आसपास के 10 गांव के ग्रामीण प्लांट के सामने प्रदर्शन करने पहुंच गए। ग्रामीणों ने फैक्ट्री के सामने धरना दिया। उन्होंने प्लांट के लिए गांव के जलाशय से लिए जा रहे पानी का खुलकर विरोध किया। क्षेत्र में लंबे समय प्लांट के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन का विरोध चल रहा था। लेकिन कुछ स्थानीय नेताओं पर विरोध को दबाने लेन-देन करने का आरोप लगा। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन की मनमानी को रोकने के लिए एकजुट होकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। ग्रामीणों के प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष भागवत साहू और कांग्रेस नेता जितेंद्र मुदलियार ने की। उन्होंने प्रशासन पर फैक्ट्री प्रबंधन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि जलाशय का निर्माण ग्रामीणों की ज़रुरत के लिए किया गया है। इससे फैक्ट्री को एक बूंद भी पानी नहीं दिया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने रिश्वत लेने वाले जनप्रतिनिधियों और अफसरों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। मौके पर पुलिस व प्रशासन के अफसर भी पहुंचे। जिन्हें ग्रामीणों ने लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भागवत साहू ने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन को पाइप लाइन के लिए कोई परमिशन नहीं दी गई है। इसके बाद भी 5 किमी. लंबी पाइप लाइन बिछा दी गई है। साहू ने कहा कि ऐसी मनमानी करने वाले फैक्ट्री प्रबंधन पर भी एफआईआर दर्ज की जाए। कांग्रेस नेता जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि वायरल ऑडियो में लेन-देन की बात स्पष्ट रुप से सामने आई है। ऑडियो में जिन भी नेता- अफसरों का नाम सामने आया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं होने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाइश देने पहुंचे अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए फिलहाल जलाशय से पाइप लाइन नहीं बिछेगी। वहीं जो पाइप लाइन बिछाई गई है, उसे भी उखाड़ा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। वहीं कांग्रेस नेताओं ने सीधे तौर पर जिम्मेदारों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस पूरे अवैध कार्य में जिन लोगों की भी संलिप्तता है, उनकी जांच की जाए। इसके बाद सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए । कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में दोबारा प्रदर्शन की भी चेतावनी दी। कंपनी प्रबंधन बगैर अनुमति चुपचाप पाइप लाइन बिछा रही थी, लेकिन तब जिम्मेदार विभागों अनदेखी कर मूकदर्शक बने रहे। विरोध जब तेज हुआ तो विभागों ने कार्रवाई की औपचारिकता दिखाई है। जल संसाधन विभाग ने जलाशय में पंप हाउस के लिए बनाए जा रहे रैंप तो तोड़ा है। वहीं लंबे समय बाद लोक निर्माण विभाग ने कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। लोक निर्माण विभाग ने बगैर अनुमति पाइप लाइन के लिए सड़क के किनारों में की गई खुदाई के लिए कंपनी प्रबंधन को नोटिस दिया है।


