गुना में वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख समाज द्वारा शोभायात्रा निकाली गई। गुरुद्वारे से शुरू यात्रा शहर भ्रमण कर वापस गुरुद्वारा पहुंची, यहां कीर्तन किया गया। इसके अलावा कई जगह चार साहिबजादे फिल्म दिखाई गई। बता दें कि, गुरुद्वारा, गुरू सिंह सभा गुरूपुत्रों के बलिदान को समर्पित सेवा सप्ताह के रूप में मना रहा है। इसकी शुरुआत विशेष अरदास और कीर्तन के साथ हुई थी। चार साहिबजादों के जीवन और उनके बलिदान को प्रदर्शित करने वाली फिल्म भी मानस भवन में दिखाई गई थी। वहीं गुरुद्वारे में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ था। गुरुवार को हुआ सेवा सप्ताह का समापन इसी क्रम गुरुवार को रैली के साथ सेवा सप्ताह का समापन हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के दो पुत्रों को इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं करने पर सरहिंद के नवाब वजीर खान के आदेश पर जिंदा दीवार में चुनकर मारने का आदेश दिया। लेकिन, जल्लादों ने ऐसा करने से मना कर दिया था। तब वजीर खान ने औरंगजेब के दरबार दिल्ली से जल्लादों को बुलाकर उन्हें दीवार में चुनवा दिया। यह कुर्बानी विश्व की सबसे बड़ी कुर्बानी है। उन्होंने कहा- हम नमन करते हैं उन साहिबजादों को, जिन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च उत्कर्ष अपने प्राणों की आहुति दी, किंतु अपना निज धर्म नहीं बदला। निडर साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेहसिंह के स्वाभिमान और बलिदान से हमें अपनी धर्म और संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा हमेशा मिलती रहेगी। हम भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कोई भी समझौता न करें।


