संसदीय रिपोर्टिंग पर विधानसभा में कार्यशाला का हुआ आयोजन राज्यसभा सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संवैधानिक दृष्टि से संसद के पारित कानून के खिलाफ कोई राज्य विधानसभा प्रस्ताव पारित नहीं कर सकता। संसद का कानून हर राज्य विधानसभा के लिए बाध्यता है। वैसे ही जैसे राज्य विधानसभा से पारित कानून के विरूद्ध कोई भी जिला पंचायत या नगर निगम प्रस्ताव पारित नहीं कर सकता। सांसद त्रिवेदी ने सीएए का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि दो तीन साल पहले सीएए आया। सीएए के खिलाफ कई राज्य विधानसभाओं ने अपने प्रस्ताव पारित कर दिए। दूसरा पक्ष यह है कि सीएए नागरिकता से जुड़ा कानून है। नागरिकता राज्य का विषय नहीं है, यह केंद्र सरकार का विषय है। अब नागरिकता से जुड़े कानून पर प्रोसिडिंग हाउस में हो रही है तो पूरे घटनाक्रम के साथ यह भी निष्पक्ष तरीके से लिखा जाना चाहिए कि यह संवैधानिक दृष्टि से राज्य विधानसभा के अधिकार में है या नहीं। वे विधानसभा के रजत जयंती के अवसर पर संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उदघाटन सत्र में आईआईएमसी के पूर्व निदेशक डॉ संजय द्विवेदी ने कहा कि संसदीय रिपोर्टिंग गहरा उत्तरदायित्व है, जहां भाषा, अनुशासन एवं मर्यादा की महत्वपूर्ण है। सदन की चर्चा में नोकझोक के साथ-साथ सार्थक चर्चा को भी स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान पत्रकारिता की शैली को पश्चिमी देशों की देन बताया। पश्चिम की दृष्टि के कारण ही हम समाज में घटित होने वाले नकारात्मक पहलुओं को ही समाचार मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संचार एवं संवाद हमेशा लोक मंगल के लिए होता है जबकि पश्चिमी परंपरा में खींचतान की परंपरा है। शब्दावली, नियमों का ज्ञान होना चाहिए: रमन विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि आसंदी में सभा की सार्वभौमिकता की शक्ति निहित होती है, इसलिए सभा की कार्यवाही अपनी कल्पना अथवा संभावनाओं के आधार पर प्रसारित नहीं करना चाहिए। संसदीय रिपोर्टर को संसदीय शब्दावली, संसदीय प्रक्रिया एवं नियमों का भी ज्ञान होना चाहिए। स्पीकर ने कहा कि भावुकता या रोष में सभा की बाधित कार्यवाही को नकारात्मक स्वरूप में प्रस्तुत करने के बजाए सभा में होने वाले संसदीय कार्यो को प्रमुखता के साथ प्रकाशित एवं प्रसारित करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि संसदीय रिपोर्टिंग के व्यवहारिक पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उसमें खुलापन लाया जाना चाहिए, जिससे जनता अपने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही से परिचित हो सके। प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेगी जानकारी: सीएम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने 25 साल की गौरवमयी यात्रा पूरी की और लोकतान्त्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इसके माध्यम से विधान सभा की गतिविधियां प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।


