छत्तीसगढ़ के धमतरी में सीवरेज प्लांट से पाइपलाइन बिछाने का कार्य एक माह से अधूरा पड़ा है। इस कारण वार्डवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हटकेशर वार्ड में रविवार को कांग्रेस पार्षदों ने प्रदर्शन किया। पार्षदों का कहना है कि ठेकेदार लापरवाही से काम कर रहा है। खुले गड्ढों के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों के घरों के नल टूट गए हैं। पानी की आपूर्ति बाधित है। लोगों को अपने खर्च पर नल की मरम्मत करवानी पड़ रही है। जालमपुर क्षेत्र में भी यही स्थिति है। वहां पाइपलाइन डालने के बाद गड्ढों को ठीक से नहीं भरा गया। मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। बारिश के कारण कीचड़ हो गया है। स्थानीय निवासी परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान ठेकेदार से पार्षदों की तीखी बहस हुई। पार्षदों ने ठेकेदार और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। ठेकेदार का कहना है कि बारिश के कारण काम में देरी हो रही है। कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द काम पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। पाइपलाइन विस्तार में लापरवाही से 15-20 दिन से घरों में पानी बंद नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि शासन की महत्वकांक्षी योजना के तहत हटकेशर वार्ड में सीवरेज प्लांट से सभी तालाबों को भरने के लिए पाइपलाइन का विस्तार किया जा रहा है। इस काम का ठेका ठेकेदार को दिया गया है। लेकिन काम के दौरान लोगों के घरों के पाइप तोड़े जा रहे हैं और जिन घरों का खराब पानी नाली में जाता है, उनके पूरे पाइप भी तोड़ दिए जा रहे हैं। पाइपलाइन में कोई लेवल मेंटेनेंस नहीं हो रहा है। ऐसे काम करके सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। पाइप डालने के बाद गड्ढों को भी ठीक से भरना नहीं किया जा रहा। जिसके कारण कई लोगों के घरों में 15 से 20 दिन से पानी नहीं आ रहा है। टूटे हुए पाइपों की मरम्मत का खर्च भी घर वाले खुद वहन कर रहे हैं। यह अनियमित और असंवेदनशील कार्यप्रणाली है, जो बहुत गलत है। नेता प्रतिपक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी नेताप्रतिपक्ष ने महापौर और कमिश्नर को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस काम को जल्दी पूरा नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। कीचड़ से प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम बजरी और गिट्टी डालकर कीचड़ से निजात दिलाई जानी चाहिए। शहर के मुख्य स्थान रत्नाबांधा सिग्नल से लेकर सीवरेज प्लांट तक सड़कों के किनारे गड्ढे खोदकर मिट्टी भरी जा रही है, जिससे लोगों को कीचड़ की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।


