एलपीजी टैंकर ब्लास्ट मामले के बाद अब प्रदेश में एक जनवरी से विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलेगा। इसमें वाहन चालकों को जागरूक करने के साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश आज सीएम भजनलाल शर्मा ने सीएमओ में आयोजित सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में दिए। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि अभियान के तहत स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सीएम ने कहा, यातायात नियमों का उल्लंखन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग बिना परमिट के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोकें। सड़क सुरक्षा के लिए 6ई फॉर्मूला मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण एवं प्रभावितों की बेहतर देखरेख के लिए राज्य में 6 ई (एजुकेशन, इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी केयर, इवेल्यूएशन, एन्गेजमेंट) आधारित रणनीति के तहत कार्रवाई प्रारंभ की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले ई (एजुकेशन) सड़क सुरक्षा के नियमों के बारे में लोगों को शिक्षित किया जाए। दूसरे ई (इंजीनियरिंग) के तहत सड़कों, ब्रिज अन्य बुनियादी ढ़ांचे को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए बेहतर डिजाइन किया जाए। तीसरे ई (एनफोर्समेंट) के तहत यातायात कानूनों की सख्ती से पालना सुनिश्चित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाए। चौथे ई (इमरजेंसी) के तहत दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। पांचवे ई (इवेल्यूएशन) के तहत सड़क सुरक्षा उपायों का नियमित रूप से मूल्यांकन कर सुरक्षा उपायों में सुधार किया जाए। छठवें ई (एन्गेजमेंट) के तहत समुदाय एवं विभिन्न हितधारकों को सड़क सुरक्षा अभियानों में शामिल किया जाए। दो सप्ताह में खुले बोरवेल बंद करें
मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी जिला कलक्टर दो सप्ताह में यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बोरवेल खुला नहीं रहे। जिससे किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके। वहीं सीएम ने कहा कि बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


