लुधियाना की अनन्या CUET-UG में ऑल इंडिया टॉपर:4 सब्जेक्ट में 100 पर्सेंटाइल, रोजाना 7 घंटे स्टडी; 2 साल तक पढ़ा इंग्लिश ग्रामर

पंजाब के लुधियाना की अनन्या जैन ने देशभर में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET-UG-2025) में टॉप किया है। उसने अकाउंट्स, बिजनेस स्टडीज, मैथ्स और इकोनामिक्स में 100 पर्सेंटाइल पाए हैं। अनन्या जैन ने पक्खोवाल रोड के डीएवी पब्लिक स्कूल से कॉमर्स में 12वीं पास की है। शुक्रवार शाम को जारी हुए रिजल्ट में अनन्या ने चुने हुए 5 सब्जेक्ट में से 4 में 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए आयोजित इस परीक्षा में 13.5 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था। अनन्य के पिता मानव जैन लुधियाना में ही चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं और मां नीति जैन गृहिणी हैं। 10 में 97 तो 12वीं में 98.8 पर्सेंट लेकर जिले में थर्ड रहीं
लुधियाना के पक्खोवाल रोड के डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली अनन्या 10वीं को बोर्ड परीक्षा में 97% जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 98.8% अंक हासिल कर चुकी हैं। 12वीं में वह जिले में थर्ड पोजिशन पर रही थीं। अनन्य का कहना है कि ऑल इंडिया टॉप करने पर वह इसका क्षेत्र अपने टीचर्स और माता-पिता को देती हैं। परिवार ने परीक्षा की तैयारी के लिए उसे पूरा सहयोग दिया और हर तरह से गाइडेंस उपलब्ध करवाई।
3 पाइंट में जानिए अनन्य ने सफलता के लिए क्या किया रोजाना 7 घंटे तक पढ़ाई, एक साल की तैयारी
अनन्य जैन की मां नीति जैन ने बताया कि बेटी रोजाना स्कूल से आने के बाद 7 घंटे तक रूटीन में पढ़ाई करती थी। छुट्‌टी वाले दिन ज्यादा टाइमिंग भी हो जाती थी, लेकिन रूटीन में पढ़ाई के कारण ही आज उसे ये सफलता मिली है। रोज हर सब्जेक्ट की तैयारी
अनन्य जैन ने किसी एक सब्जेक्ट को पढ़ने पर फोकस नहीं किया बल्कि हर सब्जेक्ट को टाइम के हिसाब से बांटकर उसकी स्टडी की। जिस सवाल में फंसती थी उसे मार्क कर टीचर्स और पिता की मदद से हल करती थीं। हर रोज मॉक टेस्ट जरूर दिया, कमजोरी को समझा
अनन्या ने अपनी कमजोरी को समझने के लिए हर रोज पांचों सब्जेक्ट का मॉक टैक्ट दिया। इससे उसे अपनी कमजोरी पता चली और उसे दूर किया। 5 महीने तक उसने लगातार मॉक टैस्ट दिए और एग्जाम के लिए खुद को प्रिपेयर किया। 4 बातें जो अनन्य की तैयारी से सीखनी चाहिए टॉप का सोचकर तैयारी नहीं की, टेंशन नहीं ली, बस स्टडी पर फोकस
अनन्या ने कहा कि साढ़े 13.5 लाख उम्मीदवारों को पछाड़ कर आगे आने के बाद बहुत खुश हूं। बेस्ट फील कर रही हूं। मुझे इतना नहीं लग रहा था कि मैं टाप कर लूंगी लेकिन इतना जरूर था कि मुझे किसी ना किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन जरूर मिल जाएगा। मैंने तैयारी भी टॉपर का सोचकर नहीं की थी। न ही कोई टेंशन ली। बस रोजाना स्टडी पर फोकस किया। रैंक 1 आएगा इतना पता नहीं था। मैंने कभी इस बारे सोचा भी नहीं था। इतनी तैयारी करो की टैस्ट क्रेक करने का भरोसा हो
सभी स्टूडेंट्स को चाहिए कि इतनी मेहनत करो की खुद को पता हो कि ये मुझ से टैस्ट क्रेक हो जाएगा। मां ने मेरा पूरा साथ दिया। मुझे घर पर पढ़ाई का पूरा माहौल मिला। 12वीं में भी परिवार ने पढ़ाई में पूरा साथ दिया। स्कूल के शिक्षकों का भी पूरा साथ रहा। पापा CA हैं, मुझे पहले ऐसे लगता था कि मुझे भी CA बनना चाहिए। मुझे ये लगता था कि ये आप्शन मेरे लिए हमेशा खुली ही है,लेकिन मेरा रुझान इतना ज्यादा इसमें नहीं था। मेरा रुझान ज्यादा इकोनॉमिक्स में रहा है। अब इसमें ही आगे बढ़ना है। NCERT की किताबों से की तैयारी
अनन्या ने बताया कि तैयारी की लिए उसने NCERT की किताबें पढ़ीं। इसके अलावा एक महीने के लिए ऑफलाइन क्रैश कोर्स भी किया। ऑनलाइन मॉक टेस्ट के साथ तैयारी के लिए कॉन्फिडेंस आया। अंग्रेजी में पकड़ के लिए 2 साल ग्रामर सीखा
अनन्या ने बताया कि अंग्रेजी में पकड़ के लिए उसने 2 साल पहले अंग्रेजी सेक्शन की तैयारी शुरू कर दी थी। नियमित रूप से अंग्रेजी को समझा, खासकर वोकेवलरी और ग्रामर की रूटीन प्रैक्टिस की। दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में ऑनर्स करना लक्ष्य
अनन्या ने बताया कि वह आगे की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से करेंगी। उसका लक्ष्य इकनॉमिक्स में ऑनर्स करना है। उसे इसकी प्रेरणा बड़े भाई से मिली है। वह बी कॉमर्स में पढ़ाई कर रहा है। अनन्या ने बताया कि उसे 1250 में से 1225.93 नंबर मिले हैं। फिल्में देखना और पेंटिंग करना पसंद
पढ़ाई के अलावा अनन्या को फिल्में देखना पसंद है और मधुबनी पेंटिंग का शौक है। उनके स्कूल की प्रिंसिपल सतवंत कौर भुल्लर ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि हमें इस शानदार सफलता के लिए अनन्या पर गर्व है। मां बोली-पूरा साल मेहनत की, ये एक दिन का नतीजा नहीं
मां नीति जैन ने कहा कि मुझे बेटी पर गर्व है। पूरे परिवार में खुशी है। पूरा साल बच्ची ने मेहनत की है। एक दिन की मेहनत से ऐसा रेंक नहीं आता। बच्चे ने स्कूल भी जाना होता है तो वह अलग काम है। वैसे अनन्या को हम घर का काम करने के लिए नहीं कहते हैं, लेकिन जब कोई मेहमान आ जाए तो वह मेरे साथ किचन में हेल्प जरूर कर देती है। पिता बोले-बेटी इतना बेहतर करेगी, उम्मीद नहीं थी
पिता मानव जैन ने कहा कि बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। बेटी ने अच्छा स्कोर किया है। मुझे उम्मीद थी कि बेटी अच्छा करेगी और उसे उसकी मर्जी के कॉलेज में एडमिशन मिलेगा, लेकिन इतना बेहतर करेगी ये उम्मीद नहीं थी। मैं सीए हूं, मेरी सोच थी कि बेटी जो करे अपनी मर्जी से अच्छा करे। मेरा प्रोफेशन भी अच्छा है। बच्चों के लिए हमेशा खुला है ,लेकिन जो उन्हें अच्छा लगे वह वही करे।

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