पंजाब व चंडीगढ़ में बम धमाके करवाने वाले बब्बर खालसा के आतंकी हैप्पी पासियां को भारत लाने की तैयारियां शुरू हो चुकी है। जल्द ही उसे अमेरिका से भारत लाया जाएगा। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये एक बड़ी सफलता है। इससे आतंकवाद और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच की कड़ी को तोड़ने में सफलता मिलेगी। गौरतलब है कि 17 अप्रैल को इसे अमेरिकी एजेंसी FBI ने हिरासत में लिया था। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने तब पासिया की गिरफ्तारी की फोटो शेयर की थी। फोटो के साथ लिखा था- भारत के पंजाब में हुए आतंकवादी हमलों के जिम्मेदार आतंकवादी हरप्रीत सिंह को सैक्रामेंटो में गिरफ्तार कर लिया। 2 इंटरनेशनल टेररिस्ट ग्रुपों से जुड़ा हरप्रीत अवैध रूप से अमेरिका में घुसा। पकड़े जाने से बचने के लिए बर्नर फोन का इस्तेमाल करता था। अमेरिकी एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) ने उसे हिरासत में लिया है। ISI और BKI से नजदीकी, पंजाब में 14 से ज्यादा हमले हैप्पी पासिया पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का करीबी माना जाता है। उसने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और आतंकी रिंदा के साथ मिलकर पंजाब में कई ग्रेनेड हमलों और आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। सूत्रों के मुताबिक, पासिया की अमेरिका में मौजूदगी की सूचना काफी समय से थी। सुरक्षा एजेंसियों की नजर उस पर बनी हुई थी। NIA ने घोषित किया था 5 लाख का इनाम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जनवरी 2025 में हैप्पी पासिया पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। उसे चंडीगढ़ ग्रेनेड अटैक केस में वांटेड घोषित किया गया था। NIA की वेबसाइट पर उसकी तस्वीर के साथ उसे ‘वांटेड’ की सूची में शामिल किया गया। जानें कौन है हैप्पी पासिया जानकारी के अनुसार, एफबीआई और यू.एस. आईसीई ने 17 अप्रैल, 2025 को कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में हैपी पासिया को गिरफ्तार किया था। हैप्पी पासिया अमृतसर के अजनाला के अंतर्गत आते गांव पासिया का रहने वाला है। उसने आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरीया और उसके अमेरिका स्थित साथियों के साथ की थी। बाद में, हैपी पासिया पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त आईएसआई की सीधी अगुआई में काम करने वाले पाकिस्तान आधारित आतंकवादी हरविंदर रिंदा का प्रमुख साथी बन गया। हैपी पासिया पंजाब में आईएसआई-समर्थित आतंकवादी मॉडयूलों का प्रमुख हैंडलर था और 2023-2025 के बीच राज्य भर में सुनियोजित हत्याओं (टारगेट किलिंग), पुलिस स्टेशनों पर ग्रेनेड हमले और जबरन वसूली आदि में उसकी अहम भूमिका रही है।


