सिख समाज के गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादे के बलिदान दिवस को “वीर बाल दिवस” के रूप में मनाया गया। नर्मदापुरम के पीएम श्री स्कूल ग्वालटोली में फिल्म “चार साहबजादें” दिखाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा- दशमेश गुरु गुरुगोविंद सिंह ने अपने पूरे परिवार का बलिदान देश, समाज के शोषित ओर सताए हुए समाजजनों के लिए दिया। अपने देश, समाज और धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के दो पुत्रों अजीत सिंह और जुझारसिंह ने चमकौर के युद्ध में क्रूर आक्रांताओं के लड़ते हुए सर्वस्व न्योछावर कर शहादत प्राप्त की। बाबा जोरावर सिंह 9 वर्ष और बाबा फतेहसिंह 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने तो नवाब वजीर खां के आगे न शीश झुकाया और न ही धर्म बदला। इससे गुस्साए वजीर खान ने 26 दिसंबर, 1705 को दोनों साहिबजादों को जिंदा दीवार में चुनवा दिया था। छोटे साहिबजादो की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर 2022 को वीर बाल दिवस के रूप में शहादत को याद करने का कार्य शुरू किया। मंगलवारा घाट स्थित गुरुद्वारे में हुआ कीर्तन नर्मदापुरम नगर मंडल ने भी मंगलवारा घाट स्थित गुरुद्वारे पर कीर्तन किया। कीर्तन के बाद गुरुद्वारे के प्रधान सुरेंद्र सिंह अरोरा के द्वारा गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादे बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह की वीर गाथा के बारे में बताया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सागर शिवहरे, भाजपा जिला अध्यक्ष माधव दास अग्रवाल, संभागीय कार्यालय मंत्री हंसराय, प्रदेश सह संयोजक पीयूष शर्मा, जिला महामंत्री मुकेश चंद्र मैन, जिला कोषाध्यक्ष लोकेश तिवारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा समेत अन्य उपस्थित रहे।


