जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने कलेक्टर प्रवीण सिंह के नाम संयुक्त कलेक्टर आनंद राजावत को ज्ञापन दिया। पूर्व महासचिव पंकज शर्मा ने बताया कि सीहोर जिले की ग्राम पंचायत अमलाहा और झरखेड़ा में हुए भारी भ्रष्टाचार का मामला पिछले दिनों सभी अखबारों की सुर्खियां बना था। जिससे सीहोर जिला प्रशासन सहित सीहोर जिले की छवि भी काफी धूमिल हुई थी। पंकज शर्मा ने कहा कि इसमें से ग्राम पंचायत अमलाहा में हुई जांच में इछावर जनपद पंचायत सीईओ ने पूर्व सरपंच, वर्तमान सरपंच और पंचायत सचिव को दोषी पाया, इनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने और उनसे 30 लाख की रिकवरी किए जाने संबंधी प्रतिवेदन जिला पंचायत कार्यालय सीहोर को भेजा गया था। लेकिन, अब तक यह रिकवरी नहीं की गई है। वहां मामले को दबाने के लिए दुकानों में अब नया निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है, जिसकी ओर जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। पंकज शर्मा ने कहा कि झरखेड़ा वाले मामले में तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने पूर्व सरपंच पति को दुकानों के निर्माण हेतु शासकीय जमीन को खुर्द-बुर्द करने का दोषी पाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा कायम करने का निर्देश सीहोर जनपद पंचायत सीईओ को दिया था। लेकिन, इस मामले में भी मुकदमा कायम करने के बजाय फिर से जांच कराकर आरोपी पूर्व सरपंच पति को क्लीन चिट दिलवाने की तैयारी है। पंकज शर्मा ने कहा कि भाजपा ने भी ऐसे भ्रष्टाचारी को जेल भिजवाने के बजाय उसे इस भारी भ्रष्टाचार का इनाम देते हुए दोराहा मंडल का अध्यक्ष बना दिया। शर्मा ने कहा कि इन दोनों मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन दोनों ही मामलों में जांच के नाम पर लीपा पोती कर आरोपियों को बचाने का प्रयास सत्ताधारी दल भाजपा के दबाव में कर रहा है। उन्होंने कलेक्टर से मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।


