ओवैसी बोले- भारतीय मुस्लिम नागरिक नहीं बंधक हैं:हमें पाकिस्तानी, रोहिंग्या कहा जाता; रिजिजू ने कहा था- अल्पसंख्यकों को ज्यादा सुविधाएं मिलतीं

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत के अल्पसंख्यक अब दूसरे दर्जे के नागरिक भी नहीं हैं। हम बंधक हैं। अगवा कर बांग्लादेश में फेंक दिया जाना क्या संरक्षण है। दरअसल, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने X पर लिखा था- भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यकों से ज्यादा सुविधाएं और सुरक्षा मिलती है। इसके जवाब में ओवैसी ने लिखा- आप (रिजिजू) भारत के मंत्री हैं, कोई सम्राट नहीं। सिंहासन नहीं संविधान के तहत पद पर बैठे हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकार खैरात नहीं, मौलिक अधिकार हैं। हर दिन हमें पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, जिहादी या रोहिंग्या कहकर बुलाया जाना क्या कोई सुविधा है। इसके बाद रिजिजू ने लिखा- ठीक है, फिर हमारे पड़ोसी देशों से अल्पसंख्यक भारत आना क्यों पसंद करते हैं और हमारे अल्पसंख्यक पलायन क्यों नहीं करते। PM मोदी की योजनाएं सभी के लिए हैं। अल्पसंख्यक मामलों की योजनाएं ज्यादा लाभ देते हैं। ओवैसी की पोस्ट की 4 बड़ी बातें… ओवैसी ने वक्फ बिल की कॉपी फाड़ी थी
वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद 3 अप्रैल को पास हुआ था। 288 सांसदों ने पक्ष में, 232 ने विपक्ष में वोट डाला। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे पेश किया था। किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया। चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था- इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं। बिल फाड़ने के बाद ओवैसी संसद की कार्यवाही छोड़कर चले गए। ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… वक्फ कानून में 14 बड़े बदलाव, महिलाओं और गैर-मुस्लिमों की वक्फ बोर्ड में होगी एंट्री; जानें मुस्लिम क्यों हैं नाराज भारत में रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है। करीब 9.4 लाख एकड़। इतनी जमीन में दिल्ली जैसे 3 शहर बस जाएं। इसी वक्फ बोर्ड से जुड़े एक्ट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार आज संसद में बिल पेश करेगी। विपक्ष के नेता और मुसलमानों का एक बड़ा तबका इसके विरोध में हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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