हरियाणा में सिरसा के निजी कॉलेज के फाउंडर अमरजीत सिंह का शव पंचकूला में मिला। परिवार ने फाइनेंसर दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि पैसे और मकान हड़पने के लिए यह साजिश रची गई। अमरजीत सिंह की 3 जुलाई को घर पर अंतिम बार बात हुई थी। उस समय उनका फोन घर के नौकर दूनी ने उठाया। दूनी से अमरजीत ने कहा था कि घर पर जो कैश पड़ा है, उसे लेकर आ जाओ। इस दौरान उनकी पत्नी से भी बात हुई थी। जब पत्नी ने अचानक पैसे मंगवाने का कारण पूछा तो यही कहा कि मैंने दूनी से कह दिया ना कि कैश लेकर आ जाओ। इसके बाद कोई बात नहीं हो पाई। सोमवार शाम को उनकी डेडबॉडी पिंजौर की पहाड़ियों मिली। सूचना पर परिजन पंचकूला में पहुंचे। मंगलवार को परिजन शव पंचकूला से सिरसा लाए। दरअसल, अमरजीत सिंह की मोहाली में प्रॉपर्टी है। वहीं पर फाइनेंसर विक्रम को मकान किराए पर दिया हुआ था। विक्रम और अमरजीत अच्छे दोस्त थे। विक्रम पहले भी अमरजीत सिंह से पैसे उधार ले चुका था। अमरजीत सिरसा के ऐलनाबाद के रहने वाले थे। अभी कुछ दिन से मोहाली ही रह रहे थे। मृतक के साले ने क्या बताया, 4 पॉइंट में पढ़िए लेक्चरर से पदोन्नत होकर बने थे प्रोफेसर, 2 साल पहले हुए रिटायर्ड
अमरजीत सिंह शुरू में ऐलनाबाद के सरकारी स्कूल में लेक्चरर थे। इसके बाद वह पदोन्नत होकर प्रोफेसर बन गए। उनकी नियुक्ति चौधरी मनीराम झोरड़ कॉलेज ऐलनाबाद में हुई। 2 साल पहले जून 2023 में वह रिटायर्ड हुए। अमरजीत सिंह ने 2007 में ऐलनाबाद में ममेरा रोड पर चौधरी आरआर मेमोरियल नाम से स्कूल और कॉलेज खोला था। दोनों संस्थान एक ही जगह पर हैं और पास में रिहायशी मकान बनाया हुआ है। स्कूल में 12वीं तक की पढ़ाई होती है और कॉलेज में बीएड, आईटीआई और जेबीटी की पढ़ाई होती है। इनका ऐलनाबाद शहर में हरबंस का बास एरिया में पुराना मकान है और ममेरा रोड पर 70 से 80 एकड़ जमीन है।


