छत्तीसगढ़ में बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरी तरह शबाब पर है। वाटरफॉल का खूबसूरत नजारा देखने पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं लोग जान जोखिम में डालकर वाटरफॉल के नजदीक जाकर फोटोशूट करवा रहे हैं। यदि अचानक पानी का फ्लो बढ़ा तो बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों की जान भी जा सकती है। दरअसल, तीरथगढ़ वाटरफॉल की खासियत है कि इसमें पानी सीढ़ीनुमा आकार में नीचे गिरता है। जुलाई के महीने में ही जल प्रपात अपनी खूबसूरती बिखेर रहा है। बारिश में पानी का रंग मटमैला है। जबकि ठंड के समय पानी का रंग सफेद मोतियों की तरह दिखता है, जो बेहद आकर्षण का केंद्र होता है। बस्तर की हसीन वादियों के बीच तीरथगढ़ प्रपात है। ऐसे पहुंच सकते हैं तीरथगढ़ संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 40 से 45 किमी की दूरी पर यह प्रपात है। पर्यटक बिलासपुर, दिल्ली, जबलपुर और हैदराबाद से जगदलपुर तक हवाई मार्ग से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा रायपुर, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के पर्यटक भी सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। जगदलपुर से सड़क मार्ग से केशलूर होते हुए तीरथगढ़ जल प्रपात तक पहुंचा जा सकता है। तीरथगढ़ तक यात्री बसें भी चलती हैं। इसके अलावा पर्यटक कार या फिर बाइक से भी जा सकते हैं।


