धमतरी जिले में एक भाई-बहन ने कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने अपनी खेती की जमीन पर अवैध मुरूम खनन का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि इस कारण उनके 5 एकड़ खेत की धान की फसल नष्ट हो गई है। मामला रुद्री थाना क्षेत्र का है। किसान भाई-बहन ने पहले अधिकारियों से मुलाकात की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 7 जुलाई को उन्होंने धरना देना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि जमीन को डुबान प्रभावित बताकर आरक्षित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने जबरन खेत में घुसकर नुकसान पहुंचाने की भी शिकायत की है। नगर सैनिक जवानों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे भाई-बहन को हिरासत में ले लिया। किसानों का कहना है कि अब उनके पास खेत की दोबारा जुताई के लिए पैसे नहीं हैं। आवाज उठाई तो ग्रामीण खिलाफ हो गए – पीड़ित भूख हड़ताल पर बैठे रमेश कुमार साहू ने बताया कि वह गंगरेल डुबान पीड़ित है। ग्राम सलोनी में डुबान प्रभावितों के लिए जमीन है। यहां पर बंजर जमीन को खेती किसानी करने के लिए बनाया गया था। जिसमें कई सालों से फसल उगा रहे थे। लेकिन अवैध रूप से चल रहे मुर्मी खनन लिए जब आवाज उठाएं, तो ग्रामीण दो सालों से खिलाफ हो गए और लगाए हुए फसल को नष्ट कर दिया गया। 2023-24 की फसल को पंचायत में रखा गया है, जो कि अभी तक सड़ रहा है। रमेश कुमार साहू मांग है कि और जमीन का अधिकार दिया जाए। ऑफिस का चक्कर काटते हुए दर्जनों बार ज्ञापन दे चुके हैं। आश्वासन के रूप प्रशासन काम होने की बात कहते है और जब एसडीएम तहसीलदार पहुंचते हैं उल्टा पांव लौट आते हैं। जांच के बाद होगी कार्रवाई दुकान प्रभावित उमाबाई साहू ने बताया कि ग्राम सलोनी में उनके पूर्वजों का जमीन था, लेकिन अभी भूमिहीन है। इसके लिए कई सालों से लड़ाई लड़ रहे हैं और खेती किसानी कर रहे थे। जब मुर्मी खनन हुआ तो बहुत गहराई तक खोदा गया। जहां पर खेत को भी खोद दिया गया है और आवाज उठाने पर ग्रामीण खिलाफ में हो गए। उमा बाई ने बताया कि वह भूख हड़ताल पर कलेक्टर के बाहर बैठे हुए हैं। इस संबंध में अपर कलेक्टर रीता यादव जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


