कोंडागांव शहर में बारिश ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। जल आपूर्ति योजना के तहत शहर की अधिकांश सड़कों को खोदा गया था। पाइपलाइन बिछाने के बाद मरम्मत का काम अधूरा छोड़ दिया गया। महात्मा गांधी वार्ड की स्थिति सबसे खराब है। यहां पाइपलाइन डालने के बाद न तो गड्ढों को भरा गया और न ही सड़क की मरम्मत की गई। कमेला से आने वाले पानी की सप्लाई के लिए पूरे शहर में पाइपलाइन बिछाई जा रही थी। मानसून शुरू होते ही काम रोक दिया गया। नगर की सफाई व्यवस्था भी बिगड़ गई है। नालियां कचरे से भर गई हैं। जलभराव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बीमारियों का खतरा बढ़ा कुछ वार्डों में मलेरिया, डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन फंस रहे हैं और बुजुर्गों व बच्चों के लिए रास्ता पार करना जोखिम भरा हो गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश कुमार डे का कहना है कि पाइपलाइन की टेस्टिंग चल रही है। टेस्टिंग पूरी होते ही सड़कों की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।


