मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत इंदौर में कॉलेजों में शिविर लगाकर युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही, उन्हें सड़क सुरक्षा अग्रदूत के रूप में तैयार किया जा रहा है। गुरुवार को होल्कर साइंस कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में 400 युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया और आरटीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने उन्हें हेलमेट वितरित किए। युवाओं को दिलाई गई शपथ कार्यक्रम में युवाओं को आदर्श वाहन चालक बनने और अन्य नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। यह आयोजन आवास फाइनेंशियर्स लि., राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और होल्कर साइंस कॉलेज के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यक्रम में साइंस के 400 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाते हुए आदर्श वाहन चालक बनने की प्रेरणा दी गई। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को आईएस 4151 मानक के स्टीलबर्ड हेलमेट वितरित किए गए। ‘सुरक्षित भारत’ अभियान का संदेश एसीपी अरविंद तिवारी ने युवाओं से ‘सुरक्षित भारत’ अभियान को साकार करने की अपील की। उन्होंने इंदौर को स्वच्छ शहर की तरह दुर्घटना-मुक्त शहर बनाने का संकल्प लेने पर जोर दिया। राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के परियोजना समन्वयक भरतराज गुर्जर ने बताया कि अब तक 90 हजार सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनाकर हेलमेट वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जागरूकता और अनुकूल व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है। 8 हजार हेलमेट देने की योजना डॉ. वीरेंद्र सिंह राठौर (एआरटीओ राजस्थान) ने सड़क सुरक्षा नियमों और प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए सड़क हादसों को रोकने के साझा प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने साइंस के विद्यार्थियों को दुर्घटनाओं के अनुसंधान और पुनर्संरचना में योगदान देने की सलाह दी। आवास फाइनेंशियर्स लि. के जोनल हेड दीप पंड्या ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से हताहत होने से रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 23 हजार हेलमेट वितरित किए गए हैं और इस वर्ष 8 हजार हेलमेट देने की योजना है। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन और प्रोफेसर नागेश डगावकर ने भी इस अभियान को समर्थन देते हुए अपने विचार साझा किए।


