भास्कर एक्सपर्ट – मनीष पिल्लीवार, टाउन प्लानर एक्सपर्ट के साथ ठाकुरराम यादव की रिपोर्ट रायपुर शहर में बारिश और सीवरेज का पानी प्राकृतिक बहाव के साथ खारुन नदी में गिरता है। भाठागांव से चंदनीडीह तक करीब दर्जनभर नाले हैं। शहर के बीच तीन-चार बड़े नाले हैं, जो पानी को मुख्य नाले तक ले जाते हैं। इसके अलावा हर वार्ड में छोटी-बड़ी नालियां हैं। पिछले चार-पांच दशकों में ये नाली जरूरत के अनुसार बनती गई हैं, लेकिन उनमें कनेक्टिविटी नहीं है। किसी भी शहर में नालियों की कनेक्टिविटी नसों की तरह होनी चाहिए। इससे पानी को ठहरने का अवसर ही नहीं मिलता और जलभराव की स्थिति निर्मित नहीं होती। रायपुर को लेकर स्थिति यह है कि यहां नालों की कनेक्टिविटी बेहतर नहीं है। दो दिन 140 मिमी से ज्यादा बारिश, लगातार झड़ी से मौसम भी ठंडा राजधानी रायपुर में पिछले दो दिन में 140 मिमी से ज्यादा बारिश हो गई। लगातार झड़ी के कारण शहर में कई जगहों पर पानी भर गया और दिन का तापमान गिरने से मौसम भी ठंडा हो गया। मंगलवार को भी दोपहर तक तेज बारिश हुई। सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण आज दिनभर शहर के कई इलाकों में पानी भरा रहा और सड़कें लबालब रहीं। कई कालोनियों में लगातार दो दिनों से पानी जाम हो रहा है। मौसम विभाग ने अब बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई है। बुधवार को भी आसमान में हल्के बादल रहेंगे। हल्की बारिश होने की भी संभावना है। राजधानी रायपुर में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई। इससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। शाम-रात में कुछ घंटों के लिए बारिश थमी, लेकिन सुबह फिर तेज बारिश शुरू हो गई। दोपहर 12 बजे तक शहर में बारिश जारी रही। घड़ी चौक के नजदीक अभ्युदय परिसर के पास, मोतीबाग, जयस्तंभ चौक, प्रोफेसर कालोनी, न्यू राजेंद्र नगर, शांति नगर इत्यादि इलाकों में दूसरे दिन भर जलभराव की स्थिति रही। आमापारा स्थित आरडी तिवारी स्कूल के मैदान और परिसर में पानी भर गया। इसी तरह खमतराई स्कूल, मोवा सरकारी स्कूल में भी मैदान जलमग्न हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अब बारिश में कमी आने की संभावना है।
रायपुर में दिन का तापमान 25 डिग्री के आसपास रिकार्ड किया गया। इसमें बहुत अधिक वृद्धि की संभावना नहीं है। शुक्रवार-शनिवार से तापमान में वृद्धि आने की संभावना है। प्लान बनाकर केंद्र को भेजा गया
^ शहर में जलभराव की समस्या के लिए अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत प्लान बनाकर केंद्र को भेजा गया है। इसके अलावा हम सिटी डेवलपमेंट प्लान भी तैयार कर रहे हैं। इसके तहत शहर के सभी 70 वार्डों का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें जलभराव को भी लिया गया है।
– मीनल चौबे, महापौर रायपुर जानिए, शहर में जलभराव के प्रमुख कारण और उसके निदान
पहला कारण
आमतौर पर किसी इलाके में जलभराव की स्थिति होने पर उसे दूर करने के लिए नाला बना दिया जाता है और उसे किसी दूसरे नाले में छोड़ दिया जाता है। एक जगह की दिक्कत दूर हो जाती है, लेकिन दूसरी जगह शुरू हो जाती है। यही स्थिति शहर की है। इसलिए जलभराव की समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
निदान
इसके लिए पूरे शहर के ड्रेनेज सिस्टम को एक साथ बनाने की जरूरत है। प्रॉपर मैपिंग की जानी चाहिए। शहर से पानी निकलने के प्राकृतिक बहाव का उपयोग करते हुए अंडरग्राउंड ड्रेनेज बनाने की जरूरत है। दूसरा कारण : शहर के सभी नाले ओपन हैं। उनका डस्टबिन की तरह उपयोग हो रहा है। नाले में प्लास्टिक कचरा, मलबा और अन्य तरह के वेस्टेज फेंके जा रहे हैं। नालों की गहराई कम हो गई है। जब नाले की आधी गहराई में कचरा भरा होता है तो ज्यादा बारिश होने पर पानी बाहर निकलने लगता है।
निदान : इस समस्या को दूर करने शहर में जितने भी नाले-नालियां हैं, उन्हें कवर्ड करना होगा। यही नहीं अब जहां भी नए निर्माण हो रहे हैं, उसे भी अनिवार्य रूप से ढंकने की जरूरत है। तीसरा कारण
सड़कों और कालोनियों में पानी भरने की एक बड़ी वजह रोड इंजीनियरिंग का ठीक से पालन नहीं होना है। सड़कों की डिजाइन इस तरह होनी चाहिए कि वहां पानी इकट्ठा ना हों। ज्यादा पेविंग होना भी जलभराव के लिए जिम्मेदार है। बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचने का रास्ता ही नहीं मिल रहा।
निदान
डिवाइडर से ड्रेन की ढाल कम से कम तीन इंच कम हो। नाली की ऊंचाई सड़क से ज्यादा ना हो। फुटपाथ बनाया गया हो तो पानी जाने के लिए नियमित रूप से होल दिए जाए। इससे पानी सीधे ड्रेनेज में चला जाएगा। शहर के वो इलाके, जहां सबसे ज्यादा समस्याएं एकात्म परिसर के सामने
मौदहापारा में एकात्म परिसर के सामने सड़क पर एक क्रास नाला बनाया था। इससे पहले की तरह जलभराव की समस्या तो नहीं है, लेकिन तेज बारिश होने पर अभी भी पानी भर जाता है। शहीद स्मारक के पास
अंडरग्राउंड नाला बनाकर मौदहापारा नाले में जोड़ा गया। इससे जीई रोड पर अब पहले की तरह पानी जमा नहीं हो रहा, लेकिन समस्या जयस्तंभ चौक में स्टेट बैंक के सामने बढ़ गई। अवंति विहार
अवंति विहार में सड़क के बीचों-बीच अंडरग्राउंड ड्रेनेज बनाया। यहां पानी भरने की समस्या खत्म हो गई है, लेकिन इससे लगे हुए इलाकों में समस्या बढ़ गई है।
राजातालाब, शंकर नगर, शांति नगर में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। प्रोफेसर कालोनी
रिंग रोड के किनारे-किनारे नाला बनाया। फिर भी पानी भर रहा है। रिंग रोड को पार कर पानी को भाठागांव होते हुए खारुन नदी में मिलाने के लिए एनएच पर एक क्रास नाले की जरूरत है।


