पाली सांसद ने बैठक में अधिकारी-कर्मचारियों को बोले अपशब्द:कर्मचारी बोले- तीन बार गालियां दीं, सांसद ने कहा-गैर जिम्मेदार कर्मचारियों के लिए कहा था

पाली सांसद पीपी चौधरी ने बैठक में पंचायतीराज अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आपत्तिजनक और अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया। इससे नाराज कार्मिकों ने गुरुवार को राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा परिषद के बैनर तले जिला परिषद सीईओ को मुख्यमंत्री के नाम शिकायत-पत्र सौंपा है। इनका कहना था कि बैठक में तीन बार गालियां दी गईं। वहीं मामले में सांसद ने कहा कि उन्होंने ऐसा गैर-जिम्मेदार कार्मिकों के लिए कहा था। दरअसल, जोधपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक 24 दिसंबर को थी। बैठक में सीएसआर फंड से लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट को लेकर चर्चा की जा रही थी। इस दौरान पाली सांसद पीपी चौधरी ने अधिकारियों-कर्मचारियों पर अशोभनीय व अभद्र करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां दीं। करीब 9000 सोलर स्ट्रीट लाइट्स से जुड़ा है मुद्दा
सांसद चौधरी ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान ओसियां-भोपालगढ़-बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सीएसआर फंड से करीब 1200 सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाई थी। इनके नियमित रख-रखाव के लिए संबंधित अधिकारियों से सभी लाइट्स को सरकारी रिकॉर्ड में इंद्राज करने को कहा था। बताया जाता है कि उनमें से अधिकांश लाइटें बंद पड़ी है और उन्हें वापस चालू नहीं करने पर सांसद नाराज थे। सांसद ने तीन बार आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया
सीएसआर फंड से लगवाई गई लाइट को ग्राम पंचायतों के परिसंपत्ति रजिस्टर में इंद्राज करवाने के बाद चिह्नित स्थानों पर लगवाना था। हकीकत में ये लाइटें सीधे ही भाजपा नेता-कार्यकर्ताओं के घरों या उनके बताए जगहों पर लगा दी गई थी। इन सभी की प्रविष्टियां सरकारी रिकॉर्ड में होनी थी लेकिन शायद ऐसा हुआ नहीं था। इस मुद्दे पर बैठक में चर्चा के दौरान पंचायती राज के अधिकारियों और कर्मचारियों पर यथ प्रखंड विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारियों के लिए तीन बार आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया गया था। सांसद के खिलाफ सौंपा शिकायत-पत्र
सांसद के अभद्र शब्दों से नाराज जोधपुर और फलौदी जिले के पंचायतीराज के सभी अधिकारी और कर्मचारियों में आक्रोश है। संपतलाल गोदारा, (बीडीओ, तिंवरी-बावड़ी), राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा परिषद ने कहा- जनप्रतिनिधियों और शहर व ग्रामीण के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में सांसद ने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके विरोध में मुख्यमंत्री के नाम जिला परिषद सीईओ को ज्ञापन देकर गरिमाहीन शब्दों पर माफी मांगने की मांग की है। 150 करोड़ की 50 हजार लाइटें, जोधपुर की 10 हजार में से रिकॉर्ड में सिर्फ 50
सांसद पीपी चौधरी ने कहा- ग्रामीण इलाकों में डवलपमेंट के लिए सीएसआर फंड से करीब 150 करोड़ की लागत से 50 हजार लाइट लगवाई गई थी। जोधपुर में जिला परिषद के अधिकारियों ने इन लाइटों को रिकॉर्ड में लेने के लिए लिखा गया था। मेरे ऑफिस से भी पिछले चार साल में कई बार इसके लिए लिखा गया था, लेकिन कई कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। सिर्फ 50 लाइटें ही रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। जनता के लिए लगी ये लाइटें सरकारी संपत्ति हैं। इनमें से कई जगहों से लाइटें या बैटरियां चोरी हो चुकी है। पुलिस को रिपोर्ट देते हैं, लेकिन उन लाइटों का सरकारी रिकॉर्ड में कोई उल्लेख नहीं मिल रहा है। सांसद बोले- गैर-जिम्मेदार कार्मिक काम करने से बचते मामले में सफाई देते हुए सांसद ने कहा कि उन्होंने ऐसा गैर-जिम्मेदार कार्मिकों के लिए कहा था। वह सरकार से तनख्वाह इसी बात की ले रहे हैं कि सरकार संपत्तियों की सुरक्षा हो सकें। इसके बावजूद कुछ लोग काम करना नहीं चाह रहे हैं। मैं ऐसे कार्मिकों का आभार तो जताने से रहा।

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