जिस पत्नी की देखभाल के लिए रिटायरमेंट, वही नहीं रही:30% ही काम करता था दिल, पति बोले- बीकानेर में मनाने वाले थे न्यू ईयर

दीपिका को कार्डियक प्रॉब्लम थी। हमारे कोई बच्चा नहीं है। मैं ऑफिस में होता तो वो (दीपिका) घर पर अकेली होती थी। हमेशा उसकी चिंता रहती थी। इसीलिए मैंने वॉलेंट्री रिटायरमेंट (VRS) का फैसला लिया। सोचा हम हर पल साथ रहेंगे। 24 दिसंबर को वीआरएस पार्टी से पहले सुबह ऑफिस आते समय वो मुझे कार तक छोड़ने आई। ‘बेस्ट ऑफ लक’ कहा था। मुझे क्या पता था कि होनी को कुछ और ही मंजूर है। वो मुझे अकेला छोड़कर चली गई। कितनी कुछ प्लानिंग की थी। ​​​​​​दीपिका की बड़ी बहन का 31 दिसंबर को बीकानेर में रिटायरमेंट था। हम 30 दिसंबर को बीकानेर जाने वाले थे। नया साल वहीं मनाने वाले थे। ये कहते हुए सेंट्रल वेयर हाउस के मैनेजर की पोस्ट से वीआरएस लेने वाले पति देवेंद्र संदल की आंखें छलक गईं। बोले- अब न जाने दीपिका के बिना कैसे जीवन बीतेगा। मंगलवार (24 दिसंबर) को ऑफिस में देवेंद्र संदल की वीआरएस की पार्टी चल रही थी। दीपिका (56) भी ऑफिस आई थी। रिटायरमेंट की पार्टी में एक-दूसरे को माला पहनाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और दम तोड़ दिया। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। 10-12 साल से तकलीफ, पैदल नहीं चल पाती थी
देवेंद्र संदल बताते हैं- दीपिका को 10-12 साल से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कार्डियक की प्रॉब्लम थी। साल भर पहले डॉक्टर ने एंजियोग्राफी करवाने की एडवाइज दी थी। उसके साथ एक दिक्कत थी केनुला लगाते समय उसकी नसें नहीं मिलती थीं। उसे घबराहट होती थी। एक तरह से उसे फोबिया हो गया था। देवेंद्र बताते हैं- ज्यादा पैदल चलने पर उसे दिक्कत होने लगती थी। 7-8 महीने पहले 2डी इको जांच करवाई थी। जांच में पता लगा कि उसका हार्ट 30 प्रतिशत ही काम कर रहा है। ड्यूटी पर रहने के दौरान अक्सर पत्नी की चिंता लगी रहती थी। पत्नी का ध्यान रखने व उसकी बीमारी ध्यान में रखते हुए मैंने वीआरएस लेने का फैसला लिया। सितंबर में वीआरएस की एप्लीकेशन दे दी। वीआरएस मंजूर हुआ। 24 दिसंबर को ऑफिस में आखिरी दिन था। विदाई को यादगार बनाने के लिए डीजे बुक कर रखा था। शाम के वक्त 50 आदमियों के खाने का ऑर्डर दे रखा था। घर को सजाने के लिए फूल मालाएं मंगवाईं। पत्नी ने फूलाें से सजाया था घर
देवेंद्र बताते हैं- सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट मैं ऑफिस के लिए निकला। जैसे ही कार स्टार्ट की वो घर के बाहर कार तक छोड़ने आई। उसके चेहरे पर मुस्कान थी। चेहरे खुशी साफ तौर पर झलक रही थी। उसने मुझे ‘बेस्ट ऑफ लक’ बोला। मैं ऑफिस चला गया। इधर पत्नी तैयारियों में लग गई। पत्नी ने घर में काम करने आने वाली बाई जी के साथ मिलकर 10-15 लोगों का खाना बनाया। फिर फूलों से घर की सजावट की। पत्नी ने छत के पंखे पर भी फूल जमाए, ताकि विदाई के बाद घर आते ही फूलों से स्वागत हो सके। देवेंद्र ने पंखा दिखाते हुए बताया कि देखो आज भी पंखे पर फूल जमे हुए हैं। अचानक निढाल होकर गिर पड़ी
देवेंद्र बताते हैं- दोपहर 3 बजे करीब पत्नी ऑफिस के लिए रवाना हुई। पत्नी के साथ बुजुर्ग ससुर (92), बुआ, मेरे बड़े भाई, भाभी और उनके बच्चे भी ऑफिस पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक सभी ऑफिस में हंसी-मजाक करते रहे। शाम 5 बजे स्टाफ के लोगों ने विदाई सेलिब्रेशन शुरू किया। महज 15 से 20 मिनट में सब खुशियां मातम में बदल गईं। कुर्सी पर बैठे-बैठे ही अचानक वो निढाल (बेहोश) हो गईं। हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टरों ने पत्नी को बचाने की कोशिश की। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। तीन महीने पहले भी आईसीयू में रखना पड़ा था
देवेंद्र ने बताया कि 3 महीने पहले दीपिका घर से अपनी भाभी के साथ 1 किमी दूर मेरी सिस्टर के घर पैदल पैदल चली गई थी। इस कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ा। 2-3 दिन आईसीयू में रही। कुंंभ जाने का भी था प्लान
पड़ोसी गिरीश गुप्ता ने बताया- दीपिका का धार्मिक कार्यक्रमों से काफी लगाव था। वो लड्डू गोपाल की पूजा करती थीं। कॉलोनी की महिलाओं का भजन मंडली ग्रुप बना हुआ था। सभी महिलाएं विशेष अवसरों पर एक-दूसरे के घरों पर जाकर भजन-कीर्तन करती हैं। भारत विकास परिषद हॉस्पिटल में बने माता के मंदिर में नवरात्र सहित अन्य अवसरों पर कीर्तन, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ करती थी। वो अक्सर महिलाओं को प्रेरित करती थी। जरूरतमंदों की मदद भी करती थी। अगले महीने दोनों पति-पत्नी कुंभ में जाने का प्रोग्राम बना रहे थे। इसको लेकर उन्होंने चर्चा की थी। पढ़ें ये खबर भी… कोटा में पति की रिटायरमेंट पार्टी में पत्नी की मौत:माला पहनाने के बाद कुर्सी पर बैठे-बैठे बेहोश हुईं, मातम में बदलीं खुशियां बीमार पत्नी की सेवा करने के लिए पति ने रिटायरमेंट से तीन साल पहले ही वॉलेंट्री रिटायरमेंट लिया। ऑफिस में इसी की पार्टी चल रही थी। पति के साथ पत्नी भी ऑफिस आई थी और इस सेलिब्रेशन में साथ दे रही थी। रिटायरमेंट की पार्टी में एक-दूसरे को माला पहनाने के बाद अचानक पत्नी की तबीयत बिगड़ी और दम तोड़ दिया। पूरा मामला कोटा के डकनिया का है। (पढ़ें पूरी खबर)

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