इंदौर में दत्त नगर की गंगा गोशाला के संचालक जीवाराम गुरुवार को मीडिया के सामने आए। वे अपनी बात रखते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा, ‘मुझ पर और गो माता पर हमला हुआ। अब इंदौर शहर में नहीं रहना, बहुत दुख दिया है।’ नगर निगम की टीम ने बुधवार को गोशाला से अतिक्रमण हटाया था। इस पर जीवाराम का कहना है, ‘गोसेवा कर बड़ा गुनाह कर दिया, क्या गोसेवा करना गलत है?’ आज शाम मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ’20 साल से गोशाला चला रहे हैं। बुधवार सुबह अचानक हमारे यहां कार्रवाई की। मैडम अधिकारी से भी कहा कि आप भी मां हैं, यहां भी मां (गोमाता) है। हम मां की सेवा कर रहे हैं,
लेकिन गोशाला पर कार्रवाई कर दी। नगर निगम वाले हमारे यहां से 45 गोवंश ले गए। बाद में 34 गोवंश मिल गए।’ नेता और शासन के लोग साथ नहीं आए
जीवाराम ने कहा, ‘नगर निगम कर्मचारियों पर किसने हमला किया, नहीं पता। गोशाला सरकारी जमीन पर जरूर बनी है। यह जमीन आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) की है। लेकिन, आईडीए की जमीन पर कई बस्तियां और गोशाला संचालित हो रही हैं। हमने किसी को दुखी नहीं किया, किसी को परेशान नहीं किया। हमें दो दिन में हटाने का नोटिस दिया। दो दिन में हम क्या कर सकते थे। इन गोवंश को कहां ले जाते? इस घटना के बाद कोई भी नेता और शासन के लोग नहीं आए। हमारे साधु-संतों से विनती की, वे हमारे साथ आकर खड़े हुए।’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरीके से गोवंश को ले जाया गया, वो गलत था। कुछ गोवंश इसमें घायल भी हुए हैं। हमारे पास जो गाय हैं, हम उन्हें धार के आगे ले जाएंगे।’ पब, मदरसे खुल रहे, उन पर कार्रवाई नहीं
गोशाला संचालक के साथ मौजूद पंडित हरी शंकर स्वामी ने कहा, ‘निगम चाहता तो शांतिपूर्ण तरीके से गोवंश के लिए दूसरी व्यवस्था कर देते। यह तो एक राजनैतिक मुद्दा बन गया है। पब, मदरसे खुल रहे हैं, कई कब्जे हो रहे हैं, इस पर तो कार्रवाई हो नहीं रही है।’ मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सड़क पर चले लाठी-डंडे, गाड़ियों में तोड़फोड़ इंदौर में बुधवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने निगम के वाहनों में तोड़फोड़ भी की। अन्नपूर्णा थाने में शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ता विजय कालखोर, संजय महाजन और तेज सिंह राठौर के खिलाफ नामजद समेत अन्य पर FIR दर्ज की गई। इधर, सुबह हुई मारपीट की घटना के बाद शाम को बड़ी संख्या में नगर निगम के कर्मचारी राजेंद्र नगर थाने में जमा हो गए थे। उन्होंने पुलिस से कहा कि जहां विवाद हुआ, वहां कार्रवाई में सहयोग कीजिए। हमारे साथ चलिए। लेकिन, देर रात तक तुरंत कार्रवाई करने को लेकर अफसरों में सहमति नहीं बन पाई। पूरी खबर पढ़िए


