मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की टीम ने भोपाल और नरसिंहपुर में रिश्वत लेते दो सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल में स्कूल के प्राचार्य 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ाए। वहीं नरसिंहपुर में महिला डॉक्टर से रिश्वत लेते सीएमएचओ पर कार्रवाई की गई। पहले बात भोपाल की
मेस के पेंडिंग बिलों के लिए प्राचार्य ने मांगी रिश्वत
भोपाल के नीलबड़ में शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय मुगालिया छाप के प्राचार्य विजय सिंह महोबिया को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने स्कूल में संचालित मेस के पिछले दो महीने के पेंडिंग बिलों का भुगतान कराने के बदले रिश्वत मांगी था। इसकी शिकायत कनका फूड प्राइवेट लिमिटेड के संचालक गौरव शर्मा ने की थी। प्रति बिल 50,000 रुपए की डिमांड
एसपी दुर्गेश राठौर ने बताया कि शिकायतकर्ता गौरव शर्मा कनका फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक हैं, जो मुंबई के ए-104, एवरग्रीन सिटी, मीरा रोड के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में मेस के पेंडिंग दो महीने के बिलों के भुगतान के लिए प्रति बिल 50,000 रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। गुरुवार को गठित टीम ने कार्रवाई कर रंगे हाथों पकड़ लिया। क्या है श्रमोदय आवासीय विद्यालय
श्रमोदय विद्यालय, मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के शासकीय आवासीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों का मकसद, निर्माण श्रमिकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में श्रमोदय विद्यालय हैं। अब बात नरसिंहपुर की
महिला डॉक्टर से सीएमएचओ ने मांगे 5 हजार
जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने नरसिंहपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आशीष प्रकाश सिंह को गुरुवार दोपहर में 5 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उन्होंने करेली में पदस्थ महिला डॉक्टर अपूर्वा श्रीवास्तव की सैलरी और छुटि्टयों को मंजूरी देने के एवज में मांगी थी। डॉक्टर ने कंप्यूटर ऑपरेटर दीपिका नामदेव के जरिए रिश्वत की डिमांड की थी, उसे भी सह-आरोपी बनाया है। लोकायुक्त की टीम ने योजना बनाकर पकड़ा
महिला डॉक्टर ने लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी सैलरी और छुट्टियों को मंजूरी देने के बदले उनसे 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर डॉ. सिंह को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम ने डॉ. एपी सिंह और महिला कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।


