बस स्टैंड पर महिलाएं सरकारी बसों का घंटों इंतजार करती रहीं। चाटीविंड रोड की नागवंत कौर ने बताया कि परिवार के साथ लुधियाना जाने के लिए आए हैं लेकिन यहां आकर पता चला कि हड़ताल है। कुलविंदर कौर निवासी छेहर्टा ने बताया कि जम्मू जाने के लिए बेटी के साथ पहुंची हूं मगर सरकारी बसें न चलने से फ्री सफर नहीं पाएंगी। यात्री रानी निवासी मरड़ ने बताया कि 10.30 से बस स्टैंड में खड़े हैं। कह रहे हैं सरकारी बस आने वाली है मगर 12 बज चुके हैं बस अभी तक नहीं आई। -रिपोर्ट : अमनदीप सिंह | फोटो : सुनील कुमार अमृतसर | पनबस-पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से मांगों को लेकर 3 दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बुधवार को सरकारी बसों का चक्का जाम कर दिया। इस दौरान फ्री में सफर करने वाली महिला यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूनियन ने रोडवेज वर्कशॉप में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों खासकर महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूनियन की ओर से पक्का करने की मांग को लेकर की गई हड़ताल के कारण बसें वर्कशॉप से निकलने नहीं दी गई। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पंजाब रोडवेज की ओर से 10 सरकारी बसों को चलाया गया, क्योंकि विभाग के पास 10 पक्के ड्राइवर हैं। वहीं जम्मू, हिमाचल, हरियाणा और चंडीगढ़ रोडवेज की बसें चलती रहीं मगर महिलाओं को टिकट के पैसे खर्च करके यात्रा करनी पड़ी। पंजाब रोडवेज की बसें न चलने के कारण प्राइवेट बसों में भी भीड़ रही।


