भास्कर न्यूज | जालंधर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने पंजाब सरकार की लैंड पुलिंग नीति को पंजाब और पंजाबवासियों के खिलाफ करार दिया। भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांपला ने कहा कि यह नीति बड़े जमीन मालिकों और प्राइवेट डेवलपरों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जबकि छोटे किसानों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब का किसान भी बर्बाद हो जाएगा, जिसके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं बचेगा। जब किसी प्रदेश की कृषि नीचे गिरती है, तो इसका असर आवाजाही, व्यापार से लेकर समाज के हर क्षेत्र पर पड़ता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर देगा। विजय सांपला ने कहा कि लैंड पूलिंग योजना से पंजाब सरकार प्लॉट दिए जाने तक 30,000 रुपए प्रति एकड़ सालाना देगी। इससे किसान का नुकसान पहले दिन से ही शुरू हो जाता है, क्योंकि इस समय जमीन का ठेका 80-85 हजार रुपए प्रति एकड़ सालाना चल रहा है, तो फिर पंजाब सरकार कम क्यों दे रही है? उन्होंने कहा कि सरकार प्लॉट देने में सफल हो या न हो, तीन साल बाद यह पैसा आना भी बंद हो जाएगा। नोटिफिकेशन के बाद जमीन पर हर तरह की रोक लग जाती है। सरकार द्वारा प्लॉट मिलने से पहले, अगर खेत मालिक किसान/जमींदार को कोई जरूरत पड़ जाए, तो वह न तो अपनी जमीन बेच सकता है और न ही बैंक से इस पर ऋण ले सकता है। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने LARR एक्ट-2013 के तहत किसानों की जमीन खरीदने के लिए बाजार दर के हिसाब से करोड़ों रुपए का भुगतान करने से बचने के लिए गलत रास्ते का इस्तेमाल किया है। यहां भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील शर्मा, प्रदेश महामंत्री राकेश राठौर, प्रदेश उपाध्यक्ष केडी भंडारी, पूर्व विधायक जगबीर बराड़, जिला महामंत्री अशोक सरीन हिक्की, राजेश कपूर, अमरजीत सिंह गोल्डी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश शर्मा, जिला प्रवक्ता सन्नी शर्मा, गौरव राय मौजूद रहे।


