पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक:सीएम ने रांची के लिए मांगी मेट्रो ट्रेन, कहा- 1.40 लाख करोड़ का भुगतान शीघ्र कराएं

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक गुरुवार को रांची में हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 31 बिंदुओं पर अपनी बात केंद्र के सामने रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और यातायात की जरूरतों को देखते हुए रांची में मेट्रो ट्रेन शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कोयला कंपनियों पर बकाया 1.40 लाख करोड़ रुपए के शीघ्र भुगतान की मांग भी उठाई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि प्रति आवास 1.20 लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने की जरूरत है। उन्होंने नदी किनारे बसे शहर रांची, जमशेदपुर, बोकारो, देवघर, गिरिडीह, दुमका और पलामू को भी नमामी गंगे योजना के तहत स्वीकृति देने की मांग उठाई। साथ ही मंईयां सम्मान सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी, जो अभी राज्य में चल रही हैं। रिम्स-2 के लिए मांगी सहायता हेमंत सोरेन ने कहा कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार चार नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण करा रही है। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी रिम्स-2 बनाने की भी योजना है। इस पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए केंद्र सरकार सहायता दे। इसके अलावा छह नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा गया है। इस पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करते सीएम हेमंत सोरेन। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सभी राज्यों की एकजुटता और सुरक्षा बलों की बहादुरी से हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। हम 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करके रहेंगे। ​हालांकि झारखंड, बिहार और ओडिशा काफी हद तक नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में झारखंड का बहुत बड़ा योगदान है। झारखंड की भूमि से भगवान बिरसा मुंडा सहित कई महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के आंदोलन का नेतृत्व किया है। उनहोंने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों की कल्पना सहकारी संघवाद की सशक्त आधारशिला बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इनके माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच के आपसी मुद्दों को काफी हद तक हल करने में सफल हुए हैं। क्षेत्रीय परिषदें अब फोरम ऑफ डिस्कशन की जगह इंजन ऑफ को-ऑपरेशन बन गई है। चंद्रिमा ने कहा… झारखंड और पश्चिम बंगाल मिलकर सुलझाएंगे मसानजोर डैम का विवाद पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्‌टाचार्य ने बताया कि बैठक में मसानजोर डैम का भी मुद्दा उठा। तय हुआ कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि मिलकर इस विवाद को सुलझाएंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में चारों राज्यों के बीच की आपसी समस्याओं के निदान को लेकर सकारात्म्क तरीके से बातचीत हुई। गृह मंत्री के सामने पश्चिम बंगाल की आंतरिक मांगों को भी रखा गया। इसमें पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि की मांग प्रमुख है। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और बीएसएफ की जमीन का मामला भी उठा। बताया गया कि कितनी जमीन का अधिग्रहण कहना है, सरकार इसका आकलन कर रही है। सम्राट बोले… सोन नदी जल बंटवारा विवाद सुलझा, झारखंड को मिलेगा 2 एमएएफ पानी बैठक के बाद बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बैठक में झारखंड-बिहार के बीच वर्षों पुराना सोन नदी जल बंटवारा मामले को सुलझा लिया गया है। बाणसागर जलाशय विवाद का भी समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त बिहार के समय बिहार के हिस्से में आए सोन नदी के 7.75 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) पानी में से 2 एमएएफ पानी झारखंड का दिया जाएगा। वहीं 5.75 एमएएफ पानी बिहार को मिलेगा। मौके पर मौजूद बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक मुद्दों पर बात हुई है। इन्होंने लिया हिस्सा बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्‌टाचार्य ने हिसा लिया। इनके अलावा चारों राज्यों के मुख्य सचिव, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र सरकार के अधिकारी मौजूद रहे।

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