गुरु-शिष्य परंपरा भारत की एक अनुपम देन है : स्वामी पवित्रानंद

रांची | गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर योगदा सत्संग आश्रम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः स्वामी पवित्रानंद द्वारा संचालित विशेष ऑनलाइन ध्यान और सत्संग से हुई। स्वामी पवित्रानंद ने “गुरु: ईश्वर-प्राप्ति के लिए दिव्य पथप्रदर्शक” विषय पर प्रवचन देते हुए कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारत की एक अनुपम देन है। समारोह में सुबह 9:30 से 11:30 तक भव्य गुरु पूजा हुई, जिसमें ब्रह्मचारी शाम्भवानंद और गौतमानंद द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया।

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