सावन की शुरुआत, बाबा बैद्यनाथधाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:बोल बम के नारे से गूंजा देवघर, अरघा सिस्टम से हो रहा जलाभिषेक

श्रावण मास की शुक्रवार से शुरुआत हो गई। यह 9 अगस्त तक चलेगा। यह महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 14 जुलाई को आएगा। इसी दिन सावन का पहला व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि सावन के पहले सोमवार का विशेष महत्व होता है। आम श्रद्धालुओं और कांवरियों की भीड़ कतार लग गई वहीं, सावन पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए शुक्रवार को आम श्रद्धालुओं और कांवरियों की कतार लग गई। आज सुबह तीन बजे मंदिर का पट खुला। कांचा जल स्नान ओर पारंपरिक सरदारी पूजा विधान से भगवान भोले नाथ की पूजा की गई। इसके बाद अरघा से जलार्पण शुरू किया गया। जलार्पण के लिए कांवरियों की कतार तड़के सुबह से लगी हुई है। पूरा देवघर बोल बम के नारों की गूंज से गुंजायमान है। सभी कांवरिया कतारबद्ध हो कर बाबा का जयघोष करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और जलाभिषेक कर रहे हैं। देवघर में जिस तरह से देर शाम से ही कांवरियों की भीड़ पहुंची है, ऐसे में मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन को उम्मीद है कि आज पहले दिन की लाखों श्रद्धालु बाबा का जलार्पण करेंगे। इधर, बाबा पर जलाभिषेक के लिए कांवरियों की भीड़ लाइन में लगने के लिए देर शाम से ही रूट लाइन में उमड़ पड़ी। स्पर्श पूजा बंद गुरुवार से देवघर में राजकीय श्रावणी मेले की शुरुआत हो चुकी है। शुक्रवार से पूरे महीने तक स्पर्श पूजा बंद कर दी गई है। भक्तों को गर्भ गृह में प्रवेश नहीं मिलेगा। श्रद्धालु अरघा से जलार्पण कर बाबा का दर्शन करते हुए बाहर निकल जाएंगे। सुरक्षा, स्वास्थ्य, पार्किंग और जलार्पण की व्यवस्था इधर, इस बार प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, पार्किंग और जलार्पण के लिए व्यापक व्यवस्था की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में पार्किंग से लेकर शटल सेवा, ड्रोन निगरानी, AI आधारित कैमरे, सीसीटीवी, चैटबोट और हेल्पलाइन तक की सुविधा सक्रिय कर दी गई है। मंदिर के पास ही मिलेगी बासुकी धाम जाने के लिए बस कांवरियों की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार बड़ा बदलाव किया है। बाबा मंदिर के पास ही अब सीधे बासुकी नाथ जाने के लिए बसें मिलेंगी, जिससे श्रद्धालुओं को स्टेशन या बस स्टैंड नहीं जाना पड़ेगा। खास बात यह है कि केवल प्रशासन द्वारा अनुमति प्राप्त बसों को ही प्रवेश मिलेगा। बसें खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए होंगी, जो बासुकी नाथ की यात्रा करना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने रूट तय कर दिया है और विशेष पास जारी किए गए हैं।

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