ई-रजिस्ट्री पोर्टल फर्जीवाड़े पर कसेगा नकेल, अप्वाइंटमेंट लेने पर आएगा रेट लिस्ट का मैसेज

भास्कर न्यूज | अमृतसर रजिस्ट्री को लेकर सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों व डीड राइटरों की तरफ से पहले किए जा रहे फर्जीवाड़ा पर ई-रजिस्ट्री पोर्टल नकेल कसेगा। पोर्टल के जरिए अप्वाइंटमेंट लेने पर पार्टियों के मोबाइल पर रेट लिस्ट और लिंक ऑटोमेटिक जा रहा है जिसमें लिखकर आ रहा है कि अगर आपसे निर्धारित सरकारी रेट लिस्ट के अतिरिक्त कोई पैसे मांगता है तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर डीसी को शिकायत भेज सकते हैं। जिसके बाद डीसी यह सुनिश्चित करेंगे कि आपका दस्तावेज बिना किसी रिश्वत के व परेशान किए रजिस्टर्ड हो जाए। दरअसल, कई बार पार्टियों के मन में आशंका रहती थी कि सारे डॉक्यूमेंट पूरे होने के बाद भी जानबूझकर ऑब्जेक्शन लगाया जा रहा है। शिकायतों के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं होती थी लेकिन अब सरकार ने सीधे तौर पर डीसी को इसके लिए जिम्मेदार बना दिया है। जिसके लिए लोगों को किसी अफसर के दफ्तर शिकायत लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। पार्टियों के पास इस तरह का मैसेज जाने पर एजेंटों में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि इसके पहले एनजीडीआरएस की वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्री अप्वाइंटमेंट लिए जाते थे जिसे बंद कर दिया गया है। इस वेबसाइट के जरिए अप्वाइंटमेंट लेने पर पार्टियों को रेट लिस्ट के मैसेज नहीं जाते थे। फिलहाल, 2 दिनों से ई-रजिस्ट्री पोर्टल पर ही रजिस्ट्रेशन का काम होने लगा है। 3 दिनों तक तकनीकी खामियों के कारण लोगों को मुश्किलें उठानी पड़ी थी। एक रजिस्ट्री के लिए 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा था, जिसे दूर करा दिया गया है। वहीं यह सुविधा अब उन लाइसेंसी डीड राइटरों के लिए मुसीबत बन गई है। चूंकि जिन कंप्यूटर ऑपरेटरों को डीड लिखने के लिए सरकार ने हायर किया है बाकायदा सैलरी मिल रही है। जबकि बाहर तहसील कॉम्प्लेक्स में अपना चैंबर खोलकर पार्टियों के लिए अप्वाइंटमेंट लेने पर सरकारी शुल्क लेने से खर्च चला पाना मुश्किल होगा। .स्टांप ड्यूटी 180050 रुपए। .सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर सेस 36000 रुपए। .रजिस्ट्रेशन फीस 36000 रुपए। .पीएलआरएस फैसिलिटेशन चार्ज 5000 रुपए। .इंतकाल फीस 600 रुपए। .पेस्टिंग फीस 200 रुपए। .स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट फीस 9000 रुपए। .पीआईडीबी चार्ज 36000 रुपए। .नॉर्मल/तत्काल अप्वाइंटमेंट फीस 500 रुपए। सरकार ने कंपनी के जरिए रजिस्ट्री दफ्तरों में एडवोकेट-कंप्यूटर ऑपरेटर व रिटायर्ड पटवारियों को लाखों रुपए की सैलरी पर हायर किया हुआ है। लेकिन इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि बाहर जो डीड राइटर अपना लाखों खर्च करने के बाद भी सिर्फ सरकारी शुल्क पर काम कैसे कर सकते हैं। अपना कारोबार खोलने पर भी लोग बिना प्रॉफिट कोई सामान नहीं बेचते। उदाहरण के तौर पर अप्वाइंटमेंट फीस 500 रुपए निर्धारित की गई है, कोई डीड राइटर उतनी ही फीस लेगा तो उसे बचेगा क्या। जबकि पूरा सेटअप तैयार करने के लिए लाखों रुपए खर्च करना पड़ रहा है। फिलहाल, जिस तरह का सिस्टम तैयार किया गया है, इससे साफ है यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में तहसीलों में काम करने वाले लाइसेंसी डीड राइटरों को रोजी-रोटी के लिए दूसरे ऑप्शन तलाशने होंगे। नॉर्मल/तत्काल अप्वाइंटमेंट फीस 500 रुपए। 12 अंकों का टोकन संख्या और आर्टिकल टाइप सेल डीड। यदि किसी ने आपसे इससे अधिक धनराशि मांगी है, तो कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। डीसी यह सुनिश्चित करेंगे कि आपका दस्तावेज बिना किसी रिश्वत के पंजीकृत हो जाए।

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