बिलासपुर के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में जर्जर सड़क, बिगड़ी बिजली और पानी की व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस ने गुरुवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता आशीष सिंह ने सड़क पर बने गड्ढों की पूजा-अर्चना कर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राहगीरों की सलामती की कामना करते हुए गड्ढों के जल्द भर जाने की प्रार्थना की। इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नियरी पर्ल के पास विरोध करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आशीष सिंह ने कहा कि तखतपुर की जनता के साथ वादाखिलाफी हुई है। यहां के जनप्रतिनिधियों ने जनता को सिर्फ सपने दिखाए हैं, हकीकत में ज़मीन पर कुछ नहीं बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि तखतपुर में बोलने की आज़ादी तक नहीं बची है, जो भी किसी व्हाट्सऐप ग्रुप में विरोध करता है, उसे धमकी भरे कॉल आने लगते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस धरना प्रदर्शन को लेकर भी कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धमकियां दी गईं, लेकिन कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। सड़क की हालत बदतर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी लीपा-पोती आशीष सिंह ने कहा कि मनियारी पुल से बेलसरी तक की सड़क की हालत बेहद खराब है। स्कूली बच्चे जूते-मोजे हाथ में लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। हाईकोर्ट ने दो महीने पहले मनियारी पुल की मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रशासन ने केवल औपचारिकता निभाई। उन्होंने तखतपुर के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “यहाँ के नेता न तो जनता से मिलते हैं और न ही किसी सवाल का जवाब देते हैं।” गांधी पुतला तक पैदल मार्च, सड़क के गड्ढों की पूजा कर विरोध धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनियारी पुल से गांधी पुतला तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांधी पुतला के पास आशीष सिंह के नेतृत्व में सड़क के गड्ढों की फिर से पूजा कर गड्ढों के भरने और लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना की गई। चक्का जाम में दर्ज हुई FIR, 14 लोगों पर मामला दर्ज गुरुवार को तखतपुर में सड़क की खराब हालत के विरोध में चक्का जाम किया गया, जिसमें 14 लोगों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से दो नाबालिगों को थाने से छोड़ दिया गया, जबकि बाकी 12 को तहसील न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें हिदायत के साथ रिहा कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री का काफिला फंसा, रूट बदला गया प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू का काफिला भी जाम में फंस गया। बाद में प्रशासन ने रूट बदलकर उन्हें मुंगेली रवाना किया।


