लखनऊ में साइबर जालसाजों ने प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लांड्रिंग केस में जेल भेजने के नाम पर दो लाख ठग लिए। जालसाजों ने फोन कर कहा कि दो घंटे के लिए आपकी फोन सेवाएं बंद की जा रही हैं। आप किसी से बात नहीं कर सकेंगे। वजह पूछने पर गलत मैसेज भेजने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पीड़ित ने अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर क्राइम सेल मामले की जांच कर रही है। त्रिवेणीनगर तृतीय कंचन पुरम के रहने वाले अमन गुप्ता ने बताया कि 11 दिसंबर को उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। बोला कि दो घंटे के लिए आपकी फोन सेवाएं बंद की जा रही हैं। आप किसी से बात नहीं कर सकेंगे। नंबर से गलत मैसेज भेजने की बात कही जानकारी करने पर बताया कि दिल्ली के एयरटेल स्टोर से बात कर रहा हूं। आपके नंबर से कुछ लोगों को गलत मैसेज बेजे गए हैं। आपके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसके बाद अधिकारी के पास कॉल ट्रांसफर करने की बात कहकर दूसरे को दे दी। दूसरे व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए बोला कि गलत मैसेज भेजने और मनी लांड्रिंग केस में आपको डिजिटल अरेस्ट किया गया है। अब आप जांच पूरी होने तक किसी से बात नहीं करेंगे। जांच में सहयोग न करने पर जेल भेज दिया जाएगा। जांच पूरी के होने के बाद अगर सही पाए गए तो क्लीन चीट दे दी जाएगी। इस तरह जालसाजों ने डराकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद जालसाजों ने 72 घंटे में उससे दो लाख दो हजार रुपए कई एकाउंट में ट्रांसफर कराए। रुपए की डिमांड बढ़ने पर जब असर्मथता दिखाई तो फोन काट दिया। इसके बाद पूरी जानकारी अपने दोस्त को दी। तब जालसाजी का पता चला। इसके बाद अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर अलीगंज का कहना है कि मामला दर्ज किया गया है। साइबर क्राइम टीम जांच कर रही है।


