छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना में जल्द ही एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इसके तहत अब निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं कैसी हैं। इसके लिए मरीज खुद ही फीडबैक देंगे। इस फीडबैक के आधार पर ही अस्पतालों को रेटिंग देने का सिस्टम भी शुरू होने वाला है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि इससे इलाज में पैकेज से अधिक भुगतान लेने के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है। भास्कर ने अस्पतालों की ओर से पैकेज से अधिक राशि लिए जाने को लेकर 22 जून को खबर भी प्रकाशित की थी। जानकारी के अनुसार मरीज जिन अस्पतालों को अच्छी रेटिंग देंगे। उनको ग्रीन चैनल सिस्टम के माध्यम से क्लेम का भुगतान जल्द किया जाएगा। अस्पतालों का क्लेम 15 दिन में सेटल हो, इसके लिए भी तैयारी की जा रही है। अफसरों का कहना है कि इससे अस्पतालों की ओर से क्लेम के भुगतान में देरी जैसी शिकायतें भी दूर हो सकेगी। प्रदेश में शहीद वीरनारायण आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अब तक 2.39 करोड़ से अधिक कार्ड बन चुके हैं। वहीं अब तक इस स्कीम में 66.96 लाख से अधिक क्लेम हुए हैं। निजी अस्पतालों का 800 करोड़ बकाया: उधर, निजी अस्पतालों के मुताबिक आयुष्मान स्कीम में बहुत सारे पैकेज ऐसे हैं, जिनमें अभी भी पुरानी दरों से भुगतान हो रहा है, जबकि दवाएं उपकरण आदि काफी महंगे हो चुके हैं। हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता के मुताबिक मई 2022 में मंजूर किए गए पैकेज की दरें अभी तक प्रदेश में लागू नहीं हो पाई है। बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष अर्थात 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक प्रदेश में आयुष्मान स्कीम में 2337 करोड़ रुपए का कुल भुगतान हुआ है। ऐसे चलेगा नया सिस्टम नए सिस्टम में डिस्चार्ज के वक्त मरीजों से अस्पताल के बारे में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में फीडबैक लिया जाएगा। इसमें अस्पताल में उसको कैसा ट्रीटमेंट मिला। आयुष्मान स्कीम में पैकेज के अलावा कोई अतिरिक्त राशि तो नहीं ली गई। अस्पताल में मरीज का अनुभव कैसा रहा आदि बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। ये जानकारी स्टेट नोडल एजेंसी अर्थात एसएनए के पास जाएगी, जिसके बाद नोडल एजेंसी में फीडबैक के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। शहीद वीरनारायण स्वास्थ्य बीमा योजना में मरीजों को अच्छा इलाज व सुविधा मिले, इसके लिए हम बड़े बदलाव करने जा रहे हैं। इसमें अस्पताल के बारे में मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा। निजी या सरकारी किसी भी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों को कोई भी परेशानी न हो और उसे अच्छा इलाज मिल सके, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
-श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री


