गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) के विस्तार के काम में तेजी आ गई है। चिड़ियाघर में सैलानियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसका विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत निगम परिषद के सामने की खुली दो एकड़ भूमि के लिए मास्टर प्लान तैयार हो गया है। इसके लिए टेंडर भी हो गए हैं। अब तकनीकी समिति की स्वीकृति के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
चिड़ियाघर के विस्तार होने से यहां आने वाले सैलानी खुले में 34 प्रकार के परिंदों को उड़ते हुए देख सकेंगे। इसलिए पंक्षियों के लिए खुला घर (वर्ड एवियरी) बनाने का काम होना है। टेंडर होने के बाद इसका मामला तकनीकी समिति के फैसले के इंतजार में रूका हुआ है। इसका एक बड़ा कारण इस माह शहर में वीआईपी की विजिट होना रहा है। जिस कारण अधिकारियों को कमेटी की मीटिंग वक्त नहीं मिल सका। अब जब बड़े आयोजन हो चुके हैं, ऐसे में इस माह के अंत या फिर नए साल की शुरुआत में मीटिंग में टेंडर पर मुहर लगने के बाद काम शुरू हो जाएगा। जिससे शहरवासियों को नए साल तक चिड़ियाघर का विस्तार देखने को मिलेगा। जिससे यहां आने वाले सैलानियों की संख्या भी बढ़ जाएगी। प्लान में इसे किया शामिल
निगम के चिड़ियाघर विस्तार प्लान के तहत यहां बहने वाले स्वर्ण रेखा के बगल में खाली पड़ी दो एकड़ भूमि पक्षी घर के लिए आरक्षित की है। यह भूमि चिड़ियाघर के पिछले हिस्से में होने से इसके विस्तार में भी कोई परेशानी नहीं आएगी। इस भूमि पर ही वर्ड एवियरी बनाने की योजना है। 27 लाख की राशि में बनेगा
पक्षियों के लिए ओपन हाउस पर 27 लाख रुपए की लागत बताई जा रही है। हालांकि अभी जिस कंपनी को ठेका मिलने वाला है। उसने काफी ब्लो रेट पर टेंडर डाला है। निगम के जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में काम की गुणवत्ता पर इंजीनियरों को विशेष ध्यान रखना होगा। ये है मौजूद पक्षी और सृप… चिड़ियाघर में सरीसृप की नौ प्रजातियां है। इनमें कोबरा, रेड स्नेक, वाइपर, ग्वाना, अजगर, छिपकली, दो मुंहा सांप आदि शामिल है। इसके साथ ही 34 प्रजातियों के पक्षी भी मौजूद है। चिड़ियाघर का दूसरा टेंडर मेंटेनेंस का है। ये 20 लाख रुपए की राशि का है। उक्त टेंडर के लिए पहले कॉल में एक कंपनी ही सामने आई थी। इसलिए निगम अब फिर से टेंडर करेगा। जू देखने वालों की बढ़ी भीड़ दूसरे दिन 2700 लोग पहुंचे
गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में लगातार दूसरे सैलानियों की संख्या 2700 पहुंच गई। यहां पर स्कूलों के बच्चों ने आकर वन्य प्राणी, विभिन्न प्रजातियों की वर्ड, सरीसृप आदि को देखकर मनोरंजन किया। चिड़ियाघर से गौरव परिहार ने बताया कि गुरुवार को 2700 सैलानियों ने सुबह से लेकर शाम तक एंट्री ली। इनमें स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा नजर आए। उन्होंने चिड़ियाघर में मौजूद वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी ली। चिडि़याघर में भीड़़ बढ़ने का मुख्य कारण क्रिसमस और ग्वालियर गौरव दिवस की छुट्टी होना है।


