लगातार प्रदूषित हवा में रहना न केवल लोगों के लिए हमेशा थकान और बेचैनी की समस्या पैदा कर सकता है, बल्कि उन्हें दमा (श्वास) का रोगी भी बना सकता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है। हमारे शहरों में वायु प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह धूल के ऐसे बारीक कण हैं, जो हवा में घुलकर हमारे फेफड़े तक जा पहुंचते हैं। तकनीकी भाषा में इन धूल के बारीक कणों को पीएम-10, पीएम-2.5 और पीएम-1 कहा जाता है। हवा में तैरते पार्टिकुलेट मैटर के इन कणों को हम खुली आंखों से नहीं देख सकते। सड़कों पर ट्रैफिक, निर्माण गतिविधियां और औद्योगिक गतिविधियां वायु प्रदूषण की सबसे बड़ी वजहें हैं। जागरूकता जरूरी… अपने आसपास की हवा की गुणवत्ता पर नजर रखें, सावधान रहें Q. खराब हवा से खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए क्या उपाय कर सकते हैं?
– पर्यावरण के प्रति सजग रहते हुए अपने शहर में हवा की गुणवत्ता पर खुद नजर रखें। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर शहर के लिए हवा की गुणवत्ता का लाइव डेटा निशुल्क ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। ताकि आम लोग खुद ही खराब हवा से बचाव के उपाय कर सकें। जब आसपास की हवा खराब हो और घर से बाहर निकलना पड़े तो फेस मास्क जरूर पहनें। फेस मास्क बारीक धूल कणों और उससे होने वाले संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है।
Q. क्या किसी भी मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है? इसका सही तरीका क्या है?
– N95-रेटेड फेस मास्क 95% तक हवा में प्रदूषक तत्वों और हवा में तैरते वायरस व बैक्टीरिया को भी रोक सकते हैं। चेहरे पर दुपट्टा या स्कार्फ को फेस मास्क की तरह लगाने से सिर्फ 20% तक के महीन कणों को फेफड़ों में जाने से रोका जा सकता है। गंभीर प्रदूषण की स्थिति में सुनिश्चित करें कि मास्क आपके मुंह व नाक को ठीक से कवर करे। N95 या सर्जिकल मास्क के ऊपरी किनारे पर पतला धातु का तार होता है, जिससे नाक के पुल को लॉक किया जाता है। सांस छोड़ते समय जांच करें कि आपके चेहरे के आसपास कोई हवा का रिसाव तो नहीं है। यह भी सुनिश्चित करें कि आपका मास्क सांस लेने योग्य हो, यदि सांस लेने में ही दिक्कत होने लगे ऐसा मास्क भी ठीक नहीं हैं। Q. यदि आपके घर में या घर के आसपास भी प्रदूषण हो तब क्या करें?
– घर पर रहते समय, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। हाई-एफिशिएंसी पार्टिकुलेट अरेस्टिंग (HEPA) फ़िल्टर एयर प्यूरीफायर में इनडोर पॉल्यूटर की सांद्रता को कम करने की क्षमता होती है, जो लगभग 90% तक प्रदूषकों को सोखकर बाहर कर देती है। एयर प्यूरीफायर एक सीलिंग फैन से भी कम बिजली खपत पर चलता है और इनकी कीमत भी सीलिंग फैन के लगभग बराबर होती है। जिस तरह गर्मी में ठंडी हवा से हमें अच्छा महसूस होता है, उसी तरह फिल्टर हवा में सांस लेने के फायदे हम खुद महसूस कर सकते हैं। यदि आपका घर सड़क किनारे है और बाहर की हवा खराब हो तो खिड़कियों को बंद करके रखें।


