भास्कर न्यूज | जांजगीर छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी और जिला अध्यक्ष रमेश पैगवार ने कहा कि डेढ़ साल में भाजपा सरकार ने कई बार बिजली दरें बढ़ाकर आम जनता की जेब पर चोट की है। अब घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 से 25 पैसे प्रति यूनिट और किसानों के कृषि पंपों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को बिजली दफ्तर का घेराव किया जाएगा। पैगवार ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों, मजदूरों और आम लोगों की बजाय उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले ही किसान खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान हैं। अब दरों में बढ़ोतरी से उनकी कमर टूट गई है। उन्होंने बताया कि 2003 में जब भाजपा सत्ता में आई थी, तब बिजली दर 3.30 रुपये प्रति यूनिट थी। 2018 तक यह 6.40 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई। इसके उलट कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने अपने कार्यकाल में सिर्फ 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की थी। किसानों को 5 एचपी तक मुफ्त बिजली दी गई थी। बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक निशुल्क बिजली और अस्पतालों व उद्योगों को सब्सिडी दी गई थी। पैगवार ने कहा कि भाजपा सरकार बिजली चोरी और लाइन लॉस नहीं रोक पा रही है। इसका बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। सरकारी विभाग और भाजपा नेता खुद बिजली बिल नहीं चुका रहे, लेकिन सरकार आम जनता से वसूली कर रही है। पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को जबरन ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी की कंपनी को फायदा पहुंचाने की तैयारी हो रही है। इससे छत्तीसगढ़ की जनता को महंगी बिजली झेलनी पड़ेगी।


