छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारी संघ अपनी 10 मांगों को लेकर आज से दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और बीजापुर जिले के अस्पतालों में कार्यरत सैकड़ों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्यालय में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि कल विधानसभा का घेराव किया जाएगा। मनेंद्रगढ़ में हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मचारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले मोदी की गारंटी के तहत हमारी समस्या के समाधान का वादा किया गया था। लेकिन आज तक इस विषय में कोई भी पहल नहीं की गई है। जबकि अपनी मांगों को लेकर इससे पहले भी शासन को अवगत करा चुके हैं। इस बार हम आर-पार की लड़ाई करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि 20 सालों में कई राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को ग्रेड पे समान काम, समान वेतन, अनुकंपा, मेडिकल बीमा, जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन प्रदेश के एनएचएम कर्मचारियों ये सुविधाएं नहीं मिल रही है। जिससे कर्मचारियों की सामाजिक आर्थिक दशा बेहतर हो सके। मानव संसाधन नीति में संशोधन की मांग बीजापुर के स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में वे अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिर भी उनकी सेवा शर्तें अस्थायी हैं, जिससे आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। उन्होंने सरकार से मानव संसाधन नीति में संशोधन की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि कोविड काल में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले हजारों एनएचएम कर्मियों को आज भी स्थायित्व और समुचित सुविधाओं से वंचित रखा गया है। ये हैं एनएचएम कर्मियों की 10 मांगें


