बांग्लादेश में हिंसा, फायरिंग में 4 की मौत:9 घायल; शेख हसीना के गृहनगर में रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हुई थी

बांग्लादेश के गोपालगंज शहर में बुधवार को युवाओं के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की एक रैली में हिंसा भड़क उठी। हिंसा के दौरान पुलिस की फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई। 9 लोग घोली लगने से घायल हैं। गोपालगंज बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का गृहनगर है। बांग्लादेश की प्रोथोम अलो न्यूज एजेंसी के अनुसार, NCP की रैली के दौरान शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के समर्थक पुलिस से भिड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अवामी लीग समर्थकों ने पुलिस पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों से पुलिस, सेना और पैरामिलिट्री फोर्स पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक प्रमुख के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। साथ ही NCP के काफिले पर भी हमला किया, जिसके कारण सुरक्षाबलों को गोलियां चलानी पड़ीं। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड फेंके। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार चला रहे मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के ऑफिस ने बताया कि गोपालगंज में बुधवार रात आठ बजे से अगले 22 घंटे का कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया गया है। यूनुस ने कहा कि NCP पर हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पिछले साल आरक्षण के खिलाफ आंदोलन ने किया था तख्तापलट
बांग्लादेश में पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे। भीड़ ने 5 अगस्त, 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री, 77 साल शेख हसीना के आवास पर हमला कर दिया था। भीड़ के पहुंचने से पहले हसीना बांग्लादेश से भागकर भारत आ गई थीं। वे तब से भारत में रह रही हैं। इसी के साथ बांग्लादेश में अवामी लीग की 16 साल पुरानी सरकार भी गिर गई। इसके बाद मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार की स्थापना की गई। हसीना के खिलाफ देशभर में छात्र कोटा सिस्टम को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल, बांग्लादेश में 5 जून, 2024 को हाईकोर्ट ने जॉब में 30% कोटा सिस्टम लागू किया था। यह आरक्षण स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को दिया जा रहा था। लेकिन हसीना सरकार ने यह आरक्षण बाद में खत्म कर दिया था। इसके बाद छात्र उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हसीना बोलीं- अल्लाह ने मुझे बचाया, मैं वापस लौटूंगी​​​​
8 अप्रैल, 2024 को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा था अल्लाह ने मुझे किसी मकसद से जिंदा रखा है। मैं वापस लौटूंगी। वो दिन जरूर आएगा जब अवामी लीग के नेताओं को निशाना बनाने वालों को इंसाफ के कठघरे में लाया जाएगा।’ अवामी लीग की अध्यक्ष हसीना ने यह बात उस वक्त कही जब वो सोशल मीडिया पर अपने पार्टी नेताओं के परिवार वालों से बात कर रही थीं। पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से वे भारत में शरण लेकर रह रही हैं। हसीना ने बांग्लादेश सरकार के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस को लेकर कहा कि वो ऐसा शख्स है जिसे लोगों से कभी मोहब्बत नहीं थी। यूनुस ने गरीबों को छोटे-छोटे कर्ज ऊंची ब्याज दरों पर दिए और इस पैसे से कई देशों में ऐशोआराम की जिंदगी जी। पूरी खबर पढ़ें…

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