पंजाब में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के मामले की सुनवाई पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में हुई है। इस मामले में अब हाईकोर्ट ने इस मामले का दायरा बढ़ा दिया है। कोर्ट ने हरियाणा और चंडीगढ़ शासन को भी केस में पार्टी बना दिया है। कोर्ट ने हरियाणा और चंडीगढ़ से भी उनके राज्यों में सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों की जानकारी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। सीटी स्कैन अन्य मशीनों की भी जानकारी मांगी मालेरकोटला के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के मामले पर आज अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। अदालत ने पूछा कि ये मशीनें निजी कंपनियों द्वारा संचालित की जा रही हैं या सरकार द्वारा, और इसके संचालन का विस्तृत विवरण भी मांगा। इसके साथ ही, राज्य के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के बारे में भी जानकारी देने का निर्देश दिया गया। वकील भीष्म किंगर ने बताया कि याचिका दायर करते समय मालेरकोटला में केवल चार डॉक्टर थे, लेकिन यह बात सामने आई कि न केवल मालेरकोटला बल्कि राज्य के कई अस्पतालों में भी डॉक्टरों की कमी है, जिसके बाद पिछली सुनवाई पर यह दायर पंजाब तक बढ़ा था। जबकि अब इसका दायर हरियाणा और चंडीगढ़ तक बढ़ा है।


