मुख्यमंत्री भजनलाल ने खुले बोरवेल बंद करने के दिए निर्देश:बोरवेल खोदने के लिए कलेक्टर को 15 दिन पहले सूचित करना जरूरी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 2 महीने में प्रदेशभर में खुले बोरवेल बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, खुले बोरवेल में हो रहे हादसों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। सीएम ने यह निर्देश गुरुवार को सड़क सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक में दिए। 14 साल पहले भी बोरवेलों को बंद करने के लिए सरकार ने गाइडलाइन जारी की थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे लागू ही नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने भी 1 फरवरी 2010 को बोरवेल ​में गिरने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए थे। सीएम ने कहा कि हादसों को रोकने के लिए सरकार, प्रशासन और जनता सभी का योगदान जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए मिशन मोड पर काम करने को भी कहा। सीएम ने निर्देश दिए कि प्रदेशभर में ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। गौरतलब है कि दौसा में 9 दिसंबर को आर्यन नाम के एक बच्चे की बोरवेल में गिरने से मौत हो गई थी, जबकी कोटपूतली में एक बच्ची मौत से संघर्ष कर रही है। 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-बोरवेल खुला नहीं छोड़ें निर्माण के दौरान कुएं के चारों ओर कंटीले तारों की बाड़ लगे। कुएं के ऊपर बोल्ट से फिक्स स्टील प्लेट कवर लगाना जरूरी होगा। बोरवेल खोदने के लिए कलेक्टर या सरपंच को 15 दिन पहले लिखित सूचना जरूरी। सरकारी, अर्ध-सरकारी या निजी ड्रिलिंग एजेंसियों का पंजीकरण अनिवार्य हो। सबसे अहम कि ट्यूबवेल को खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। काम के बाद इसे भरना होगा।

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