रांची नगर निगम की ओर से मोरहाबादी बिजली ऑफिस के सामने अस्थायी रूप से व्यवसाय कर रहे फुटपाथ विक्रेताओं को गुरुवार को नवनिर्मित वेंडर मार्केट में शिफ्ट किया गया। लेकिन शिफ्टिंग के दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। जिन लोगों को दुकानें नहीं मिलीं उन लोगों ने हंगामा किया। हंगामा देखकर लालपुर टीओपी भी वहां पहुंच गई। निगम के अधिकारी वहां पहले से ही उपस्थित थे। हंगामा करे रहे लोगो का आरोप था कि नगर निगम ने फॉर्म जारी कर लॉटरी के जरिए चबूतरा और दुकानों का आवंटन करने का भरोसा दिया था, लेकिन नगर निगम द्वारा जारी की गई 169 दुकानदारों की सूची में कई दर्जन याचिकाकर्ताओं के नाम नहीं हैं, जबकि इन विक्रेताओं ने 2016 के सर्वे में संपूर्ण दस्तावेज जमा किए थे। उनका यह भी आरोप था कि सभी दुकानदारों को एक ही स्थान पर समाहित किया जा रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित होगा। पहले से रजिस्टर्ड कई दुकानदारों का नाम लॉटरी सूची से हटा दिया गया है। निगम के अधिकारियों और पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाया, कहा- आप पर भी करेंगे विचार निगम के अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाया। इसके बाद पुलिस ने भी समझाया कि उनकी बातों को पर भी विचार किया जाएगा। इसके बाद पुलिस की उपस्थिति में सभी की शिफ्टिंग कराई गई है। शिफ्टिंग को लेकर बुधवार को निगम की ओर से आदेश जारी कर दिया गया था। निगम ने व्यवस्थित तरीके से शिफ्टिंग को लेकर नगर अभियान प्रबंधक/नगर प्रबंधक की प्रतिनियुक्ति भी की थी। जारी आदेश में कहा गया था कि ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जा चुका है। दुकानदारों ने 2016 के सर्वे में पूरे दस्तावेज जमा किए थे, नाम नहीं आया तो उग्र हो गए, जिसके बाद समझाते पुलिस व निगम के अधिकारी। दुकानदारों ने कहा- निगम ने चबूतरा व दुकान देने का भरोसा दिया था, पर कई दर्जन याचिकाकर्ताओं के नाम ही नहीं


