भास्कर न्यूज| जांजगीर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को सशक्त करने के लिए प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट जांजगीर अभियान-2 की शुरुआत की गई है। इस अभियान में अब स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी और समस्याओं के समाधान के लिए साप्ताहिक निरीक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके लिए राजस्व, शिक्षा और पंचायत विभाग के अधिकारियों को एक निर्धारित निरीक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा करना होगा। निर्देशों के अनुसार, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अब प्रत्येक सप्ताह तीन शासकीय विद्यालय (प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी) और दो आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की उपस्थिति और शिक्षकों की गतिविधियों का अवलोकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारी प्रत्येक सप्ताह 10 शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। वहीं संकुल प्रभारियों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों को अपने-अपने संकुल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों का निरीक्षण सप्ताह में कम से कम एक बार करने का निर्देश जारी किया गया है। हर सप्ताह समीक्षा होगी निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य नियमित रूप से हो रहा है या नहीं, विद्यार्थियों की उपस्थिति कितनी है, शिक्षक समय पर उपस्थित रहते हैं या नहीं, पाठ्यक्रम का पालन किस स्तर तक किया जा रहा है और पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया जा रहा है या नहीं। इसके अलावा विनोबा एप में डेटा प्रविष्टि की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।


