झारखंड में धान रोपनी का समय है। गांव-गांव में खेतों में हलचल है। झमाझम बारिश के बीच खेतों में पानी भर चुका है और किसान धान की रोपनी में जुटे हुए हैं। इसी बीच राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रांची जिले के चान्हो प्रखंड स्थित रघुनाथपुर गांव में महिलाओं के साथ पारंपरिक अंदाज़ में धान रोपनी की। महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला खबर फैलते ही गांव की महिलाएं बारिश की परवाह किए बिना खेत की ओर उमड़ पड़ीं। खेत में मंत्री को अपने साथ काम करता देख महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गांव की जॉनी उरांव ने कहा शिल्पी दीदी को हमारे साथ देखकर बहुत अच्छा लगा। वो हमेशा परिवार की तरह हमारे सुख-दुख में साथ रहती हैं। इससे पहले भी वो रोपनी और कटाई के समय आती रही हैं। धान रोपनी झारखंड की कृषि संस्कृति का अहम हिस्सा है। इसे पारंपरिक रीति-रिवाज और उत्सव के माहौल के बीच संपन्न किया जाता है। महिलाएं खेत में रोपनी के दौरान पारंपरिक गीत गाती हैं, जिससे पूरे गांव में उल्लास का वातावरण बन जाता है। किसानों के लिए यह न सिर्फ खेती का काम होता है, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा त्योहार भी होता है। महिलाओं के साथ साझा की परंपरागत गीत मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की खुद खेत में उतरकर धान की रोपनी करती दिखीं। उनके साथ महिलाएं गीत गाती रहीं और खेत में रोपनी का दृश्य किसी त्योहार से कम नहीं लग रहा था। गांव की अनीता उरांव ने कहा मंत्री जी के साथ रोपनी करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। वो हमारे बीच रहकर हमारी भावनाओं को समझती हैं और हमारे काम में हाथ भी बंटाती हैं।


