सावन के पावन महीने में देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में कांवरियों का तांता लगा हुआ है। इस बीच कई कांवरिए ऐसे कांवर लेकर पहुंच रहे हैं, जो लोगों को बरबस अपनी को आकर्षित कर रहे हैं। कोई 150 किलो वजन के कांवर के साथ पहुंच रहा तो कोई कांवर में बजरंगबली की बड़ी से प्रतिमा को लेकर। ऐसे कांवर के साथ श्रद्धालु सेल्फी लेते भी नजर आ रहे हैं। 8 फीट ऊंचा और 150 किलो वजनी कांवर इस बीच कोलकाता से आई 25 कांवरियों की एक टोली ने अपने अनूठे कांवर से सबका ध्यान खींचा है। यह कांवर लगभग 8 फीट ऊंचा और 150 किलो वजनी है। इसमें भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियां स्थापित हैं। साथ ही महाकालेश्वर का शिवलिंग भी मौजूद है। कांवर को एक मंदिर के सिंहासन की तरह सजाया गया है। टोली के सदस्य विकास कुमार ने बताया कि वे हर साल कोई ना कोई विशेष कांवर लेकर बाबा धाम आते हैं। इस बार का कांवर इतना आकर्षक है कि अन्य कांवरिया इसके साथ सेल्फी लेने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। हर साल अलग-अलग स्वरूपों में लाते हैं कांवर वहीं, देवघर के कांवरिया पथ पर कोलकाता से आए कांवरिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गए। कोलकाता बम के नाम से प्रसिद्ध 40 सदस्यों की टोली इस बार अनूठा कांवर लेकर पहुंची है। इस कांवर में शिवलिंग के साथ बजरंगबली की मूर्ति भी शामिल है। टोली के सदस्य रोहित कुमार ने बताया कि उनकी टोली हर साल भगवान शिव के अलग-अलग स्वरूपों को प्रदर्शित करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचती है। इस वर्ष उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए बजरंगबली की मूर्ति को कांवर में दर्शाया है। ——————————————- ये भी खबर पढ़िए… 54 किलो चांदी से बना कांवर लेकर पहुंचे बाबाधाम:54 फीट लंबे कांवर में पूरा शिव परिवार, 54 घंटे में पूरी करते हैं 105 किमी की यात्रा सावन की भक्ति में डूबे कांवरियों की श्रद्धा इस बार नई ऊंचाइयों पर नजर आई। पटना सिटी के मारूफगंज से 400 शिवभक्तों का विशाल जत्था 54 किलो चांदी से बना 54 फीट लंबा कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचा। कांवर में बाबा भोलेनाथ का पूरा परिवार, बैद्यनाथ मंदिर, मां दुर्गा, मां काली, राधा-कृष्ण, मां लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि ये सभी प्रतिमाएं चांदी से तैयार की गई हैं। कांवर की कुल लागत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…


