पंजाब के लुधियाना में निकाय चुनाव संपन्न हुए आज 6 दिन पूरे हो गए है। लेकिन अभी तक आम आदमी पार्टी को मेयर के लिए बहुमत नहीं मिल पा रहा। पिछले 5 दिनों से जोड़-तोड़ में सभी विधायक जुटे है। वहीं आप के कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर तक ने शहर में डेरा जमाया हुआ है। आप को बहुमत के लिए 48 पार्षद चाहिए लेकिन अभी तक उनके पास 44 ही पार्षद हो सके हैं। यदि विधायकों की वोटिंग करवाती है तो विरोधी पार्टियां कोर्ट में केस ले जाने की बात कह रही है। हाईकमान को संतुष्ट करने में विधायक असमर्थ हर वार्ड में आप के विधायक और मंत्री अन्य पार्टियों के विजेता पार्षदों से बैठकें कर रहे है लेकिन अभी भी मेयर की कुर्सी आम आदमी पार्टी से दूर है। आप को मेयर की कुर्सी के लिए नाको चने चबाने जैसे हालत का सामना करना पड़ रहा है। निकाय चुनाव में बहुमत हासिल करने का दावा करने वाले आम आदमी पार्टी के विधायक कही न कही हाईकमान को संतुष्ट करने में असमर्थ साबित हो रहे है। पता चला है कि जिन पार्षदों के साथ विधायकों की मीटिंग हो रही है उनकी शर्तें ही इतनी अधिक है कि एक लेवल पर आकर विराम चिन्ह लग जाता है। अभी बीते दिन ही वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस के पार्षद जगदीश लाल दीशा ने एक दिन में 3 बार दल बदले है। जिसकी पूरा दिन शहर में चर्चा रही। अब पढ़े किस विधायक के हलके में कितनी सीट आप को हुई हासिल वर्णनीय है कि आप ने सबसे अधिक विधायक मदन लाल बग्गा के हलके में 16 में से 11 सीटें जीती है। वहीं विधायक गुरप्रीत गोगी के पश्चमी से पार्टी ने 10 सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला के हलका पूर्वी में 8, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के हलका आत्म नगर से 5, विधायक अशोक पराशर पप्पी के हलका केन्द्रीय से 4, विधायक राजिन्द्रपाल कौर छीना के हलका दक्षिणी से 2 और मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के हलका साहनेवाल में आम आदमी पार्टी एक ही वार्ड जीत हासिल कर सकी। बता दें कि इस चुनाव में 2 विधायकों, जिनमें अशोक पराशर व गुरप्रीत गोगी की पत्नियां भी क्रमशः भाजपा व कांग्रेस उम्मीदवारों से हारी है। सूत्रों मुताबिक जिन हलकों में पार्टी जीत नहीं सकी उन हलकों की रिर्पोट तैयार करवाई जा रही है।


