कोंडागांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं हुई है। सावन शुरू होते ही कई इलाकों का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बारिश न होने से खेतों की मिट्टी में दरारें पड़ने लगी हैं। जिन किसानों ने बोनी कर दी है, उनकी फसलें सूखने लगी हैं। किसानों का कहना है कि सावन में बारिश न होने की स्थिति उन्होंने कभी नहीं देखी। कुछ किसानों ने अभी तक बोनी नहीं की किसानों का कहना है कि अगले एक हफ्ते में बारिश नहीं हुई तो बोई गई फसल बर्बाद हो जाएगी। मौसम विभाग ने भी अभी तेज बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। कुछ किसानों ने अभी तक बोनी नहीं की है। वे बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कोंडागांव समेत पूरे बस्तर अंचल में सावन का महीना जो आमतौर पर हरियाली और ठंडक से जुड़ा होता है, इस बार गर्मी और उमस से परेशान है। स्थिति यह है कि खेतों में बीज डाल चुके किसान बादलों की राह देख रहे हैं। छांव की तलाश कर रहे लोग गर्मी का प्रकोप इतना है कि दोपहर में लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। लोग छांव की तलाश में भटक रहे हैं। एक पिता को अपने बच्चों को स्कूल ले जाते समय गमछे से धूप से बचाते देखा गया।


