सरगुजा कांवरिया सेवा संघ के तत्वाधान में हजारों की संख्या में कांवड़िए सोमवार सुबह जल लेकर कैलाश गुफा के लिए रवाना हो गए हैं। ये कांवड़िए 65 किलोमीटर की पदयात्रा कर मंगलवार को जशपुर के कैलाशगुफा में जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर रविवार रात 12 बजे से ही कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। अंबिकापुर के शंकरघाट से कांवरियों ने कांवर यात्रा की शुरुआत की। शंकरघाट में शिव मंदिर में जलाभिषेक के बाद जल लेकर कांवड़िए कैलाश गुफा के लिए रवाना हुए। कुछ कांवरियों का दल रविवार देर रात ही जल लेकर रवाना हो गया है। बाकी कांवडि़ए सुबह जल लेकर रवाना हुए। ये कांवडि़ए पैदल रघुनाथपुर, बतौली होते हुए जशपुर जिले में स्थिति कैलाशगुफा पहुंचेंगे। कैलाशगुफा में कांवडि़ए़ मंगलवार को जलाभिषेक करेंगे। 33 साल से हो रहा आयोजन कांवरिया सेवा संघ 33 साल से लगातार कांवर यात्रा का आयोजन कर रहा है। इसमें हर साल कांवर यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। कोरोना काल के दौरान दो साल कांवर यात्रा बंद रही। इसके बाद साल 2022 में फिर से कांवर यात्रा शुरू की गई। इसमें हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। कांवरियों के लिए जगह-जगह भंडारे, नाश्ता और जलपान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावे मेडिकल टीम भी रास्ते में तैनात रहेगी। कांवरिये बतौली में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके लिए बतौली से लेकर बोदा के बीच कई कैंप बनाए गए हैं। बतौली से मंगलवार सुबह कांवरियों का दल कैलाशगुफा के लिए रवाना होगा। कई मार्गों में भारी वाहन प्रतिबंधित, रूट चाट जारी कांवड़ियों के मार्ग पर दुर्घटना और जाम की स्थिति से बचने के लिए एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर यातायात विभाग ने रूटचार्ट जारी कर दिया है। कई मार्गों पर रविवार की देर रात 12 बजे से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई जो 21 जुलाई को दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहेगी।


